अभिभावक और कॉलेज शिक्षक पीटीए का हिस्सा बनने से इनकार कर रहे हैं। दलील दी जा रही है कि पीटीए शिक्षकों की भर्ती में इन्हें दोहरे नियम मंजूर नहीं। इसी वजह से पीटीए कार्यकारिणी का गठन नहीं हो पा रहा और अस्थायी शिक्षकों की नियुक्तियां रुक गई हैं।
सरकार चाहती है कि पुराने पीटीए शिक्षकों को बरकरार रखा जाए और नई नियुक्तियां यूजीसी मानकों के तहत नेट/सेट पास के आधार पर की जाएं। लेकिन एक ही पद के लिए सरकार के दोहरे नियमों को मानने से पीटीए साफ मना कर रही है।
इस बीच कॉलेजों में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। राजधानी के तीनों बड़े संजौली, आरकेएमवी और कोटशेरा कॉलेज में अब तक पीटीए की नई कार्यकारिणी नहीं बन पाई है। संजौली में कार्यकारिणी के गठन के लिए दो बार बैठक बुलाई गई, मगर कार्यकारिणी का गठन नहीं हुआ।
कॉलेजों में तीन महीने से पढ़ाई शुरू हो चुकी है पर बिना शिक्षक विद्यार्थी क्या करें। कॉलेजों के शेड्यूल के मुताबिक रूसा प्रथम सत्र के 20 हाउस टेस्ट होने हैं। रूसा के तहत तीसरे सत्र की 12 अगस्त से कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में कॉलेजों को हाउस टेस्ट की तिथि को आगे बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।