कांगड़ा लोक गायन के सबसे पुराने और प्रख्यात लोक गायक प्रताप चंद शर्मा का अंतिम संस्कार स्थानीय रीति रिवाजों के साथ ब्यास नदी के किनारे कालेश्वर में बुधवार को हुआ। उनकी अंतिम यात्रा में परागपुर क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर उन्हें अंतिम विदाई दी।
लोकगायक प्रताप चंद शर्मा उर्फ प्रतापु की गायकी की विरासत को अब उनके पौत्र मोहित शर्मा संभाले हुए हैं। जनवरी 2018 में मोहित शर्मा ने दो कांगड़ी गीत ठंडी-ठंडी हवा जे झुल्दी, झुल्दे चीला दे डालू, जीना कांगड़े दा और मेरे कन्ने बोल लछिये गाने गाकर यू-ट्यूब पर अपलोड किए