कमेटी ने गो सेंचुरी के निर्माण की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके जिलाधीश के माध्यम से सरकार को भेजने का फैसला लिया है। जिला प्रशासन की यह मुहिम यदि सिरे चढ़ती है तो नेहरस्वार के 143 बीघा में फैले जंगल को गो संरक्षण के लिए प्रयोग में लाया जा सकेगा।
यह प्रदेश की सबसे पहली व एकमात्र गो सेंचुरी होगी जहां बेसहारा गायों को संरक्षित रखने के साथ-साथ गोवंश की भी वृद्धि होगी। सिरमौर जिला प्रशासन ने गो सेंचुरी के निर्माण को लेकर प्रयास तेज कर दिए हैं।
सोमवार को निरीक्षण करने पहुंची टीम ने एसडीएम नाहन विवेक शर्मा सहित पशुपालन विभाग की सहायक निदेशक डॉ. नीरू शबनम, वरिष्ठ पशु विशेषज्ञ डॉ. सुशील शांडिल, हिमुडा के अधिशासी अभियंता के अतिरिक्त राजस्व विभाग की ओर से ददाहू के कानूनगो हीरा सिंह व पटवारी रजनीश पाल मौजूद रहे।
उधर, एसडीएम नाहन विवेक शर्मा ने भूमि का निरीक्षण करने की पुष्टि करते हुए बताया कि ददाहू तहसील के अंतर्गत सैनधार क्षेत्र के रजौली में 143 बीघा भूमि का निरीक्षण करके गो सेंचुरी के लिए संभावनाओं को तलाशा गया है। अभी यह भूमि कालीस्थान मंदिर नाहन के अधीन है। जिला प्रशासन के नाम भूमि स्थानांतरित होते ही इस बारे में आगे कदम बढ़ाया जाएगा।