प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने एमडीएम की मॉनीटरिंग करने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लाखों विद्यार्थियों को रोजाना दिए जाने वाले मिड-डे मील में धांधली करने वालों के खिलाफ प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय सख्त हो गया है।
निदेशालय ने एमडीएम की मॉनीटरिंग करने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। स्कूलों के औचक निरीक्षण का काम निजी कंपनी को सौंपा गया है। कंपनी के जिला समन्वयक स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। इस कंपनी द्वारा औचक निरीक्षण की रिपोर्ट सीधे शिक्षा निदेशालय में की जाएगी।
पहली से आठवीं कक्षा तक सरकारी स्कूलों में रोजाना दोपहर का भोजन विद्यार्थियों को निशुल्क मुहैया करवाया जाता है। कितने बच्चों ने भोजन किया, कितने बच्चे स्कूल में उपस्थित थे।