सिविल अस्पताल बरठीं से बिलासपुर के लिए रेफर सांस के मरीज को ले जा रही 108 एंबुलेंस 100 मीटर दूरी तय करने के बाद ही धुआं-धुआं हो गई। एंबुलेंस की वायरिंग में शार्ट सर्किट हो गया।
चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए एंबुलेंस को सड़क किनारे खड़ा कर सभी फ्यूज निकाल दिए और मरीज को तुरंत एंबुलेंस से बाहर निकाला। चालक ने मरीज को दोबारा बरठीं अस्पताल में दाखिल करवाया।
मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें बिलासपुर अस्पताल पहुंचाने के लिए घुमारवीं से गाड़ी मंगवाई गई। गौरतलब है कि सिविल अस्पताल बरठीं के प्रभारी डॉ. अरबिंद टंडन ने मरीज को बिलासपुर के लिए रेफर किया था।
108 एंबुलेंस में मरीज को ऑक्सीजन लगाई गई लेकिन 100 मीटर दूरी तय करते ही गाड़ी की वायरिंग जलना शुरू हो गई। 108 एंबुलेंस यूनियन के प्रधान पूर्ण चंद व उपाध्यक्ष विष्णु ने कंपनी की निंदा करते हुए कहा कि ये गाड़ियां महज नाम की रह गई हैं।
कहा कि न तो समय पर मरम्मत की जाती है और न ही ऑक्सीजन मशीन सहित अन्य उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। उचित दवाइयां भी नहीं हैं। गाड़ियों में तेल की मात्रा भी सीमित है, जिस कारण आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। यूनियन के पदाधिकारियों ने इस घटना के लिए कंपनी को जिम्मेदार ठहराते हुए चालक की प्रशंसा की है।