शिमला। विश्व स्तनपान सप्ताह पर आशा कार्यकर्ताओं, धात्री माताओं और अन्य महिलाओं को जागरूक किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रांटा की अध्यक्षता में विभाग के बैठक कक्ष में कार्यक्रम आयोजित किया गया।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि नियमित स्तनपान कराने से महिलाओं में स्तन और अंडाशय (ओवरी) कैंसर के जोखिम को कम किया जा सकता है।जन्म के तुरंत बाद शिशु को मां का दूध प्रथम प्राकृतिक टीकाकरण माना जाता है। यह शिशु को संक्रामक रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है और उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। उन्होंने बताया कि मां का दूध शिशु को निमोनिया, दस्त और अन्य संक्रामक रोगों से बचाने में सहायक होता है। संवाद
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आईजीएमसी में महिलाओं को किया जागरूक
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में पीडियाट्रिक विभाग की ओर से विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत महिलाओं को जागरूक किया गया। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मंगला सूद ने ओपीडी के बाहर बच्चों की जांच करवाने पहुंची महिलाओं को स्तनपान के लाभों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्तनपान शिशु के समुचित शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। मां का दूध शिशु को आवश्यक पोषण प्रदान करने के साथ विभिन्न संक्रमणों और बीमारियों से भी सुरक्षा देता है। संवाद