प्रदेश के साढ़े सोलह लाख उपभोक्ताओं को मिल रही सस्ती चीनी पर संकट के बादल छा गए हैं। केंद्र सरकार ने चीनी की सब्सिडी का पैसा रोक दिया है।
मार्च-अप्रैल में चीनी के टेंडर होने हैं। ऐसे में सरकार की चिंता बढ़ गई है कि कैसे स्थिति को संभाला जा सके। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने भी चीनी की सब्सिडी का पैसा जारी करने के लिए केंद्र मंत्रालय में अधिकारियों और मंत्री से भी मुलाकात की है।
परिवहन निगम के अधिकारी भी लगातार पैसा रिलीज करने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिख रहे हैं। प्रदेश में राशनकार्ड उपभोक्ता आटा, चावल और दालें लें या नहीं, लेकिन निगम के आंकड़ों के मुताबिक सभी उपभोक्ता राशनकार्ड पर चीनी लेते हैं।