जांच पर उठाए प्रतिनिधियों ने सवाल, अध्यक्ष ने दिया जांच करवाने का भरोसा
ठियोग में रास्ते में मृत मिला था भगत राम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। बचत भवन में अनुसूचित जाति वर्ग की वीरवार को आयोजित समीक्षा बैठक में ठियोग में एक व्यक्ति की मौत का मामला गरमाया रहा। 30 नवंबर 2021 को भगतराम रास्ते में मृत मिला था। इस पर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी।
समीक्षा बैठक में वीरवार को यह मामला फिर उठा। बैठक की अध्यक्षता अनुसूचित जाति आयोग के प्रदेश अध्यक्ष एवं भाजपा के पूर्व सांसद वीरेंद्र कश्यप ने पुलिस महानिदेशक के समक्ष इस मामले को रखने का आश्वासन दिया। कश्यप ने कहा कि मामले से जुड़े सभी लोगों के लाई डिटेक्टर टेस्ट और ब्रेन मेपिंग की जाएगी। बैठक में एससीएसटी एवं ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष हीरामणि भारद्वाज ने कहा कि पांच माह के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस पर एसपी शिमला ने कहा कि पुलिस मामले की जांच सही तरीके से रही थी।
अब जांच एसआईटी कर रही है। मोर्चा के महासचिव ताराचंद ने कहा कि मृतक के परिजनों को जांच टीम की ओर से भ्रमित किया है। जांच टीम दोषियों को बचा रही है। उन्होंने सवाल उठाए कि जो मौजूदा समय में एसआईटी प्रमुख बनाए हैं उनका ताल्लुक भी इसी इलाके से है। लिहाजा यह जांच किसी और अधिकारी के सुपुर्द की जाए।
बैठक में अनुसूचित जाति आयोेग के सदस्य जगजीत बग्गा, अजय चौहान, कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक सीमित अध्यक्ष शशी बाला, हिमकोफेड के अध्यक्ष कौल सिंह नेगी, डीसी आदित्य नेगी, एसपी डॉ. मोनिका भुटुंगरु, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त निदेशक नीरज गुप्ता, जिला कल्याण अधिकारी कपिल एवं जनप्रतिनिधि रहे।
खुद कर रहे हैं मामले की निगरानी : कश्यप
अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष वीरेंद्र कश्यप ने बताया कि इस पूरे मामले की वह खुद भी निगरानी करेंगे। इस दौरान मृतक के पत्नी मीना, बेटी मीनाक्षी, भाई सीता राम और मस्त राम भी मौजूद रहे। पूर्व सांसद वीरेंद्र कश्यप ने कहा कि हिमाचल देव भूमि है। अन्य प्रदेशों की तुलना में हिमाचल में अनुसूचित वर्ग के साथ उत्पीड़न नहीं होता है। उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में रह रही महिलाओं को कल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
ऋण उपलब्ध न करवाने वाले बैंक नपेंगे
वीरेंद्र कश्यप ने बैंकिंग अधिकारियों को अजा वर्ग को ज्यादा से ज्यादा ऋण उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए। कहा कि जो बैंक ऋण उपलब्ध नहीं करवा रहे हैं उन्हें नोटिस जारी कर किए जाएं। कहा कि इस वर्ग के छात्रों को वर्ष 2015 से 2021 तक 642 मामलों में 27 करोड़ 8 लाख रुपये की राशि वितरित की है। अनुसूचित जाति विकास योजना में 2020-21 में 118 करोड़ 74 लाख रुपये की राशि खर्च की है।