पांवटा, चंबा, जोगिंद्रनगर और धर्मशाला में भी प्रदर्शन सोलन-शिमला के बीच नाके लगा वाहनों की जांच
शिमला में मस्जिद विवाद और लाठीचार्ज के विरोध में हिंदूवादी संगठनों ने बुधवार को पांवटा साहिब, चंबा, जोगिंद्रनगर और धर्मशाला में धरना प्रदर्शन किए। पांवटा के लघु सचिवालय के बाहर जमकर नारेबाजी की गई। प्रदेश में बांग्लादेशी और रोहिंग्या की घुसपैठ को बंद करने की मांग रखी गई। धरना-प्रदर्शन के बाद एसडीएम पांवटा के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
धर्मशाला में देवभूमि संघर्ष समिति के बैनर तले विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन कर अवैध रूप से रह रहे बाहरी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। वहीं, देवभूमि संघर्ष समिति कांगड़ा के पदाधिकारियों ने भी बुधवार को प्रदेश में बाहरी लोगों की गतिविधियों को रोकने के लिए मुख्यमंत्री को एसडीएम के माध्यम से ज्ञापन भेजा। उधर, संजौली में मस्जिद मामले में प्रदर्शन को लेकर प्रदेशभर से हिंदू संगठनों ने कूच किया। ऐसे में प्रदर्शनकारी शिमला न पहुंच सकें, इसके लिए पुलिस ने जगह-जगह नाके लगाए थे।
आज आधा दिन शिमला के बाजार बंद
संजौली बाजार में धारा 163 लगाने के बावजूद हुए उग्र प्रदर्शन के बाद प्रदेश भर में माहौल तनावपूर्ण हो गया है। अब हिंदू संगठनों ने 13 सितंबर को मंडी जिले में प्रदर्शन करने का एलान किया है। हिंदू जागरण मंच के पूर्व महामंत्री कमल गौतम ने कहा कि अब प्रदेशभर में वहीं प्रदर्शन होंगे, जहां इस तरह अवैध ढांचे बनाए गए हैं। इसके तहत पहले मंडी और इसके बाद सुन्नी, कुल्लू समेत अन्य जिलों में प्रदर्शन की रणनीति बनाई जा रही है। हालांकि अभी इसकी तारीखें और समय को लेकर अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है। वहीं शिमला शहर के व्यापारी भी लाठीचार्ज के विरोध में आ गए हैं। व्यापारियों ने आज आधा दिन शिमला के बाजार बंद रखने का आह्वान किया है। आज सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक आधे दिन का बाजार बंद रहेंगे। आज शहर में स्थिति सामान्य है और लोग रोज की तरह अपने काम निपटा रहे हैं।
पथराव में कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए, इसकी जांच होगी: एसपी
शिमला के एसपी संजीव गांधी ने कहा कि हमने सभी से अपील की थी कि शांति बनाए रखी जाए। धारा 163 के तहत प्रावधान लागू किए गए। हमने उन लोगों के साथ भी बैठक की जो इस मामले में हितधारक होने का दावा करते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया था कि सब कुछ शांतिपूर्ण होगा, लेकिन कल सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और बैरिकेड्स तोड़े गए। पहले से ही योजनाबद्ध तरीके से पथराव हुआ। पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। हमने कानून के तहत काम किया। शांति तुरंत बहाल हो गई। नागरिक अपने दैनिक जीवन में व्यस्त हैं। हम फिर से दोहराते हैं कि हम सभी को संविधान और कानून पर भरोसा रखना चाहिए। पथराव में कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इसकी जांच होगी।