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हिमाचल में रद्द हो सकता है 9700 लैपटॉप की खरीद का टेंडर

Sat, 08 Jun 2019 12:38 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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प्रदेश के 9700 मेधावी विद्यार्थियों को दिए जाने वाले लैपटॉप की खरीद का टेंडर रद्द हो सकता है। टेक्निकल बिड में पेच फंस गया है। टेंडर में दिए गए तय मानक पूरे नहीं करने के आरोप में बाहर हुई कंपनी ने टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

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मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के विभिन्न महकमों के आला अधिकारियों से इस कंपनी से शिकायत करते हुए जांच की मांग की गई है। मामला उलझता देख इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन ने शिकायत की जांच के लिए एनआईसी की कमेटी गठित करने की तैयारी शुरू कर दी है।

मुख्य सचिव से भी इस बाबत कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने चर्चा की है। मामले का हल नहीं निकलने की सूरत में टेंडर रद्द करने की संभावना है। बीते दिनों शुरू की गई खरीद प्रक्रिया के तहत राज्य इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन के पास तीन कंपनियों ने टेंडर लेने के लिए आवेदन किया।
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तीनों कंपनियों ने टेक्निकल बिड के दौरान अपने सैंपल प्रस्तुत किए। बताया जा रहा है कि एक कंपनी के सैंपल तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। लैपटॉप में दिए जाने वाले पोर्ट को लेकर मामला विवादित हो गया। कॉरपोरेशनने मानकों पर खरा नहीं उतरने वाले कंपनी को बाहर कर दिया। इस कंपनी ने बाहर होते ही टेंडर प्रक्रिया को सवालों के घेरे में ला दिया। 

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बीते साल के मेधावियों को मिलने हैं लैपटॉप

राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड की साल 2018-19 में हुई परीक्षाओं में दसवीं और जमा दो कक्षा के 8800 और कॉलेजों के 900 मेधावियों को लैपटॉप दिए जाने हैं। साल 2018 में मेधावी विद्यार्थियों को सरकार लैपटॉप नहीं दे सकी थी।

साल 2012 में धूमल सरकार के समय शुरू की गई इस योजना को चलाने या बंद करने के संशय के बीच जयराम सरकार ने पूरा साल निकाल दिया। जनवरी 2019 में सरकार ने लैपटॉप देने का फैसला लेते हुए स्कूलों के 10 हजार मेधावियों की संख्या को कम करते हुए 8800 किया।

इसमें दोनों कक्षाओं के 4400-4400 मेधावी शामिल किए गए। इसी योजना के तहत कॉलेजों के 900 मेधावी भी शामिल किए गए हैं। फरवरी महीने में इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन ने लैपटॉप की खरीद शुरू की।

मार्च महीने में बिड प्रक्रिया शुरू की गई लेकिन कंपनियां नहीं आने के चलते मामला लटक गया। अब दोबारा से शुरू हुई बिड प्रक्रिया के तहत तीन कंपनियों के आवेदन किया।

जयराम सरकार ने बदला योजना का नाम
शिमला। जयराम सरकार ने कांग्रेस सरकार की राजीव गांधी डिजिटल योजना का नाम भी बदल दिया है। अब मेधावियों को श्रीनिवास रामानुजन स्टूडेंट डिजिटल योजना के तहत लैपटॉप दिए जाएंगे। श्रीनिवास रामानुजन को संख्या सिद्धांत पर उनके हैरतअंगेज कार्य के लिए संख्याओं का जादूगर माना जाता है। महान गणितीय अवदान के लिए रामानुजन को गणितज्ञों का गणितज्ञ भी कहा जाता है।
    
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