अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संस्था (आईसीएओ) की ओर से जारी अधिसूचना के बाद 24 नवंबर के बाद सभी हस्तलिखित पासपोर्ट अमान्य घोषित कर दिए गए हैं। आईसीएओ की ओर से अधिसूचित घोषणा के अनुसार वर्ष 2001 से पूर्व जारी किए गए समस्त मशीन की ओर से न पढ़े जाने वाले पासपोर्ट रद्द माने जाएंगे।
मशीन अनरिडेवल श्रेणी में 1990 के दशक में जारी किए गए पासपोर्ट भी शामिल हैं। इनकी वैधता 20 वर्ष है। ऐसे सभी पासपोर्ट अब अंतरराष्ट्रीय मानकों में प्रयोग में नहीं होंगे। इस श्रेणी के देश विदेश में रहने वाले समस्त पासपोर्ट धारकों को अब वीजा या अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए पासपोर्ट रिन्यू करवाने होंगे। अब तक लगभग 6.20 करोड़ भारतीयों के पास वैध पासपोर्ट उपलब्ध हैं।
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय शिमला के पासपोर्ट अधिकारी प्रवीण मोहन सहाय ने बताया कि नई अधिसूचना से राज्य भर में लगभग 10000 पासपोर्ट रद्द होंगे। आरपीओ ने बताया कि वर्ष 2007 में शिमला में स्थापित पासपोर्ट कार्यालय से प्रदेश भर में अब तक लगभग 2.50 लाख पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं।
हर माह आरपीओ शिमला से करीब 35000 पासपोर्ट जारी किए जा रहे हैं। आरपीओ प्रवीण मोहन सहाय ने बताया कि प्रदेश भर में पासपोर्ट की ऑनलाईन पुलिस जांच की प्रक्रिया में जिला ऊना सबसे आगे है।