प्रदेश में बिजली अधिक दोहन करना अब और अधिक महंगा हो गया है। पांच लाख रुपये से अधिक मासिक बिल के लोड का नया बिजली कनेक्शन लेने वालों से वसूली जाने वाली सिक्योरिटी राशि को दोगुना कर दिया गया है। राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने पांच लाख रुपये की सिक्योरिटी राशि को बढ़ा कर दस लाख रुपये कर दिया है।
मंगलवार को राज्य सरकार ने नई व्यवस्था को 15 दिसंबर से लागू करने की अधिसूचना जारी की। प्रदेश में औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने वाले उद्यमियों को इस नई व्यवस्था से झटका लगेगा। सूबे में पांच लाख रुपये से अधिक मासिक बिजली बिल उद्योगों का ही आता है।
वर्तमान में पांच लाख रुपये से अधिक का मासिक बिजली बिल चुकाने वाले उपभोक्ताओं से पांच लाख रुपये की सिक्योरिटी ली जाती है। इसके अलावा बैंक गारंटी भी ली जाती है। तय समय पर बिजली बिल न चुकाने वालों की सिक्योरिटी जब्त कर बिल की भरपाई करने के लिए सिक्योरिटी ली जाती है।
नई व्यवस्था के तहत प्रदेश में नया बिजली कनेक्शन लेने के दौरान पांच लाख रुपये से अधिक मासिक बिल का लोड लेने के इच्छुक उपभोक्ता को अब दस लाख रुपये की सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी। इसके अलावा बैंक गारंटी भी देनी होगी।
नया कनेक्शन लेने के अलावा पुराने स्वीकृत लोड को बढ़ाने का आवेदन करने वाले उपभोक्ताओं को भी दोगुनी सिक्योरिटी राशि देनी होगी। पांच लाख से अधिक मासिक बिजली बिल का लोड लेने वाले अधिकांश उपभोक्ता उद्योगपति ही होते हैं, ऐसे में घरेलू उपभोक्ता इस नई व्यवस्था से प्रभावित नहीं होंगे। नई व्यवस्था 15 दिसंबर से लागू होगी।