एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की तकनीकी टीम
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सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से अहम मंडी के बल्ह में प्रदेश के पहले प्रस्तावित इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण की कवायद तेज हो गई है। सोमवार को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की तकनीकी टीम ने हवाई अड्डे के दोनों छोर का सर्वेक्षण किया। बड़े विमान उतारने को टीम ने कंसा, सुकेती खड्ड, भोर व डूगराई क्षेत्र में हवाई पट्टी के एंडिंग और ओपनिंग प्वाइंट्स का सर्वे किया। हवाई पट्टी करीब पांच किमी की होगी। यह टीम प्रारंभिक प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर सरकार को सौंपेगी। सर्वेक्षण में दोनों प्वाइंट्स को हरी झंडी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इससे पहले एयर फिजिबिलिटी को लेकर भी सर्वे हो चुका है। उसके बाद सरकार ने निरीक्षण के लिए केंद्र को लिखा था। छह सदस्यीय टीम भारत सरकार के उपक्रम वैपकास से आई थी। टीम में एयरपोर्ट सेक्टर एक्सपर्ट राजकुमार निर्वाणा, प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज दुबे, ट्रांसपोर्ट इंजीनियर रामप्रकाश गुप्ता, सीनियर आर्किटेक्ट रश्मि द्विवेदी, आर्किटेक्ट अक्षय तिवारी, इंजीनियर पंकज भारद्वाज शामिल थे। डीआरओ मंडी राजीव शर्मा व स्थानीय राजस्व विभाग की टीम भी साथ रही।
3500 बीघा भूमि का होगा अधिग्रहण
बल्ह घाटी में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा सीएम जयराम ठाकुर का ड्रीम प्रोजेक्ट है। सरकार दो वर्षों से इस पर काम कर रही है। लगभग 3500 बीघा भूमि एयरपोर्ट की जद में आएगी। नौ राजस्व मुहाल डडौर, कुम्मी, स्यांह, छातड़ू, टावां, जरलू, भौर, ढाबण व डुगराईं से भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। पहले जरलू और छातड़ू राजस्व मुहाल को प्रस्तावित एयरपोर्ट के नक्शे में नहीं रखा था, लेकिन अब सुंदरनगर के कनैड व डडोह मुहाल को बाहर कर दिया है।
डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से आई सर्वेक्षण टीम ने बल्ह में प्रस्तावित एयरपोर्ट का सर्वेक्षण किया। प्रस्तावित एयरपोर्ट के निर्माण से पहले ऐसे तकनीकी सर्वेक्षण अनिवार्य होते हैं। यह सर्वेक्षण भी इसी प्रक्रिया का एक हिस्सा है।