प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हिमाचल में बाजार की मांग के अनुसार शिक्षण संस्थानों में नए ट्रेड शुरू करने को सर्वे करेगा। इंजीनियरिंग कॉलेजों, आईटीआई, पॉलीटेक्निक और फार्मेसी कॉलेजों में यह सर्वे किया जाएगा। जिस क्षेत्र में संस्थान खुले हैं, वहां किस तरह के ट्रेड की अधिक जरूरत है। इसको लेकर नए सिरे से विचार किया जाएगा। वर्षों से चल रहे ऐसे ट्रेड में सीटें कम की जाएंगी, जिनमें विद्यार्थी अधिक दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
रविवार को पीटरहॉफ शिमला में प्रेस वार्ता में तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत तकनीकी शिक्षा में बड़े बदलाव किए जाएंगे। इसी सत्र से योग विषय को शुरू किया जाएगा। इस दौरान तकनीकी विवि के वाइस चांसलर प्रो. एसपी बंसल, डीन शैक्षणिक प्रो. कुलभूषण चंदेल, डीन इंजीनियरिंग डॉ. धीरेंद्र शर्मा भी मौजूद रहे। मंत्री ने बताया कि 2021 के लिए विवि ने 21 प्राथमिकताएं तय की हैं। इसके तहत विवि कैंपस में बीटेक कंप्यूटर साइंस शुरू की जाएगी। शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। आवास बनाने जाएंगे। स्टेडियम, ऑडिटोरियम, जिम, हॉस्टल बनाए जाएंगे।
विवि को पेपरलेस किया जाएगा। मैनेजमैंट और टेक्नालॉजी में पीएचडी शुरू की जाएगी। कम्युनिटी रेडियो को वेब स्टूडियो से जोड़ा जाएगा। अनुसंधान को मजबूत किया जाएगा। आईटीआई में कृषि और बागवानी से जुड़े ट्रेड शुरू करेंगे। कोरोना संकट के बाद रोजगार मेले लगाए जाएंगे। इसी साल विवि के नए शैक्षणिक भवन का लोकार्पण किया जाएगा। कहा कि जेईईई की परीक्षा होने के बाद दाखिला प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार ने विवि को 2010 के बाद पहली बार दस करोड़ की ग्रांट जारी की है। विद्यार्थियों के नवाचार एवं नए आइडिया के लिए प्रति छात्र पचास हजार रुपये देने का प्रावधान किया गया है। शिक्षकों और शोधार्थियों के लिए तीन लाख का बजट प्रावधान किया है।
चार सितंबर से होंगी अंतिम सत्र और टर्मिनल परीक्षाएं
तकनीकी विवि ने अंतिम सत्र एवं टर्मिनल परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया है। चार सितंबर से प्रदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों में परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। तीस सितंबर तक परिणाम घोषित किया जाएगा। कोरोना संकट के बीच ऑनलाइन कक्षाओं को सफलतापूर्वक चलाने के लिए विवि को राज्यपाल ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया है।
तकनीकी विवि का नाम बदलने को कैबिनेट में जाएगा प्रस्ताव
तकनीकी विवि ने कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए बोर्ड ऑफ गवर्नर की बैठक में विवि का नाम बदलने का प्रस्ताव मंजूर कर दिया है। अब कैबिनेट में इसको लेकर प्रस्ताव लाया जाएगा। विवि का नया नाम प्रदेश तकनीकी एवं कौशल विश्वविद्यालय रखा जाएगा।
जनजातीय क्षेत्र में खोला जाएगा विवि का आफ कैंपस
तकनीकी विवि पहली बार जनजातीय क्षेत्र में ऑफ कैंपस की शुरुआत की है। इसी शैक्षणिक सत्र से ऑफ कैंपस में बीटेक कंप्यूटर साइंस और एमबीए (टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट) के विषय शुरू किए जाएंगे।