हिमाचल प्रदेश सरकार ने डिपुओं में उपभोक्ताओं को सस्ते राशन के आवंटन की जांच के लिए टीमें गठित की हैं। टीमें देखेंगी कि डिपो होल्डर लोगों को कोविड नियमों का पालन करते हुए राशन दे रहे हैं या नहीं। प्रदेश में शहरों के साथ गांवों में भी कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं।
डिपो धारकों की जिम्मेदारी तय की गई है कि वे लोगों को कोरोना से बचाव की जानकारी देने के साथ पॉस मशीनों में अंगुली लगाने से पहले सैनिटाइज करें, डिपो को सैनिटाइज करें और उचित दूरी के नियम का पालन करवाएं। अगर डिपो में इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है कि डिपोधारक पर कार्रवाई होगी।
सरकार को शिकायतें मिल रही हैं कि राशन की दुकानें सैनिटाइज नहीं की जा रही हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 26 राज्यों में लोगों को पॉस मशीनों से राशन दिया जा रहा है। ऐसे में पॉस मशीनों से राशन देने की प्रक्रिया बंद नहीं की जा सकती है। कुछ डिपो धारक इन मशीनों को बंद करने की मांग कर रहे हैं। विभाग का मानना है कि अगर इन मशीनों से राशन देने की प्रक्रिया को बंद किया जाता है तो गडबड़ियां होंगी। इसलिए डिपो और पॉस मशीनों को सैनिटाइज करने का फैसला लिया है।
खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक आरके गौतम ने बताया कि सरकार ने डिपो में उपभोक्ताओं को सस्ते राशन आवंटन की जांच के लिए टीमें गठित की हैं। डिपो होल्डर लोगों को कोविड नियमों का पालन करते हुए राशन दे रहे है या नहीं, टीमें इसकी जांच करेगी।