समुद्रतल से 17,490 फीट की ऊंचाई पर स्थित फ्रेंडशिप पीक में लापता शिमला के पर्वतारोही की तलाश के लिए छेड़े गए सर्च ऑपरेशन में कामयाबी नहीं मिल पाई है। आठ दिन बाद भी पर्वतारोही का कोई सुराग नहीं लगा। सर्च ऑपरेशन में जुटी अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं खेल संस्थान और तिरंगा माउंटेन रेस्क्यू दल की टीम के आठ सदस्य मनाली लौट गए हैं। तीन सदस्य वहीं पर रुक गए हैं। ये तीन सदस्य किन्नौर से आ रही डोगरा स्काउट के जवानों की रेस्क्यू टीम के साथ सर्च ऑपरेशन में हिस्सा लेंगे। शनिवार शाम तक डोगरा स्काउट की टीम के मनाली पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
गौरतलब है कि शनिवार को शिमला की चौपाल तहसील के अढशाला गांव के आशुतोष फ्रेंडशिप पीक की चढ़ाई करते वक्त हिमस्खलन की चपेट में आने से लापता हो गए थे। आठ दिन से फ्रेंडशिप पीक में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। 15 हजार फीट की ऊंचाई पर बेस कैंप बनाकर टीम दो दिन तक वहीं ठहरी। सुबह से शाम तक सर्च ऑपरेशन चलाए गए, लेकिन लापता पर्वतारोही का सुराग नहीं लगा। रेको एवलांच रेस्क्यू डिटेक्टर से की गई खोजबीन से भी फायदा नहीं मिला। तिरंगा माउंटेन रेस्क्यू दल को भी सफलता नहीं मिल पाई है।
अब डोगरा स्काउट के जवानों के रेस्क्यू ऑपरेशन से उम्मीद है। अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं खेल संस्थान मनाली के निदेशक अविनाश नेगी ने बताया कि फ्रेंडशिप पीक में सर्च ऑपरेशन के दौरान लापता पर्वतारोही का हेलमेट, आईस एक्स और हेड टॉर्च मिला है। इसके बाद इलाके में बारीकी से सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। सर्च ऑपरेशन के लिए किन्नौर के पूह से डोगरा स्काउट की टीम रविवार शाम तक पहुंच जाएगी। इसके बाद डोगरा स्काउट के अधिकारियों, तिरंगा माउंटेन रेस्कयू दल के सदस्यों के साथ बैठकर आगामी रणनीति बनाकर सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा। फ्रेंडशिप गई पर्वतारोहण संस्थान की टीम के 11 में से आठ सदस्य लौट रहे हैं। तीन सदस्य डोगरा स्काउट का साथ देने के लिए वहीं रुक गए हैं।