ऐसे में अब कुगति के सेंक्चुरी एरिया में भूरे भालुओं की गणना के लिए योजना बनी है। इंटरनेशनल बीयर एसोसिएशन की ओर से भूरे भालुओं की गणना का पायलट प्रोजेक्ट आरंभ किया गया है।
विशेषज्ञों में जर्मनी से डॉ. संदीप शर्मा, डॉ. तृष्णा शर्मा, फ्रांस से डीएनए विशेषज्ञ डॉ. मार्टा और चंबा से डॉ. विपिन राठौर इस टीम में शामिल हैं। डॉ. विपिन राठौर ने बताया कि भूरे भालुओं की गणना के लिए इंटरनेशनल बीयर एसोसिएशन ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत हिमाचल में काम करना शुरू कर दिया है।
कुगति परिक्षेत्र में भूरे भालू के फिकल मेटर एकत्रित कर शोध के लिए स्लोविनिया भेजे जाएंगे। शोध परिणाम भूरे भालुओं की गणना में सहायक सिद्ध होंगे। इस विधि का इस्तेमाल अन्य विलुप्त हो रहे जानवरों की गणना में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
कुगति सेंक्चुरी एरिया में विशेषज्ञों की टीम भूरे भालुओं के फिकल मेटर पर शोध कर उनकी गणना कर रही है। इसका सार्थक परिणाम मिलने की संभावना है।
- निशांत मंढोत्रा, डीएफओ चंबा