एसएमसी शिक्षकों को सेवाविस्तार न मिलने से तालाबंदी की नौबत पर पहुंच चुके सरकारी स्कूलों में अब प्रतिनियुक्ति पर शिक्षक भेजे जाएंगे। अस्थायी शिक्षकों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रही सरकार फिलहाल एसएमसी शिक्षकों के सेवाविस्तार को लेकर कोई भी फैसला लेने से बच रही है। ऐसे में सिर्फ एसएमसी के सहारे चल रहे स्कूलों में पढ़ाई जारी रखने के लिए नई व्यवस्था होने तक प्रतिनियुक्ति पर शिक्षकों को भेजने का फैसला लिया गया है।
उधर, प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला अधिकारियों से एसएमसी शिक्षकों के सहारे चल रहे स्कूलों का ब्योरा एकत्र करना शुरू कर दिया है। सदियों की छुट्टियां समाप्त होते ही प्रदेश के कई जिलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुआ। स्कूलों में करीब सवा महीने बाद रौनक लौट आई है। स्कूलों में पहले दिन कई जगह बच्चों को निशुल्क किताबों का वितरण किया गया। आगामी दो-तीन दिनों तक किताबें देने की प्रक्रिया चलेगी। उधर, सिर्फ एसएमसी शिक्षकों के सहारे चल रहे स्कूलों में बुधवार को अजीब स्थिति रही।
कुछ स्कूलों में तो एसएमसी शिक्षक पहुंच भी गए और किताबों का आवंटन करवाया, लेकिन कई ऐसे स्कूल भी रहे जहां कोई भी एसएमसी शिक्षक नहीं पहुंचा।अब इन स्कूलों में प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने प्रति नियुक्ति पर शिक्षकों को भेजने का फैसला लिया है। बता दें कि अस्थायी शिक्षकों के मामले को लेकर जल्द ही सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला है। अगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पैट, पैरा और पीटीए के पक्ष में रहता है तो प्रदेश सरकार एसएमसी पर लगे शिक्षकों को भी सेवाविस्तार दे देगी। अगर अस्थायी शिक्षकों को बाहर कर दिया जाता है तो एसएमसी शिक्षकों का भविष्य भी खतरे में पड़ जाएगा।