राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार पाने वालों को पांच अंक दिए जाएंगे। दुर्गम, दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले शिक्षकों को अधिक अंक मिलेंगे। सामान्य क्षेत्रों में नियुक्त शिक्षकों को कम अंक मिलेंगे।
इसके लिए प्रदेश को पांच जोन में बांटा गया है। सरकारी स्कूलों में नियुक्त करीब 25 हजार जेबीटी, 18 हजार सीएंडवी, 18 हजार टीजीटी और 20 हजार पीजीटी तबादला नीति के दायरे में आएंगे।
इससे तबादलों के लिए नेताओं की जी हजूरी की प्रथा खत्म हो जाएगी। 15 हजार अस्थायी शिक्षक तबादला नीति से बाहर रहेंगेे। कानूनी कारणों से सरकार इन शिक्षकों को नियमित नहीं कर पा रही है।
इसलिए 6500 पीटीए, 2200, पैरा, 3400 पैट और 2600 एसएमसी शिक्षकों को तबादला नीति से छूट रहेगी। इन शिक्षकों के स्थान पर नियमित शिक्षक न भेजने के लिए तबादला नीति में विशेष प्रावधान पर विचार हो रहा है।