नियमानुसार विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी
जिन शहरी स्कूलों का लगातार इन कक्षाओं का परिणाम शून्य से 25 फीसदी के बीच होगा, वहां नियुक्त शिक्षकों, हेडमास्टरों और प्रिंसिपलों के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में अधिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इसके बावजूद अगर परीक्षा परिणाम खराब रहना दुभार्यपूर्ण है। ऐसे मामलों में अब सख्ती बरती जाएगी। शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले 54 प्रिंसिपलों की एसीआर में रेड एंट्री करने के निर्देश दिए गए। इनमें बारहवीं कक्षा में कम परिणाम देने वाले वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के पांच प्रिंसिपल और दसवीं कक्षा में कम परिणाम देने वाले वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के 23 और उच्च स्कूलों के 24 प्रिंसिपल शामिल हैं।
शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे
इसके अलावा बैठक में फैसला लिया गया कि विषयवार कम परिणाम देने वाले शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। अगर इन शिक्षकों के जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए तो इनकी वार्षिक इंक्रीमेंट रोकी जाएगी। शिक्षा मंत्री ने हर स्कूल का प्रतिमाह औचक निरीक्षण अनिवार्य करने और शिक्षकों से कम से कम गैर शिक्षण कार्य करवाने के निर्देश भी दिए। स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव मेजर विशाल शर्मा सहित कई अन्य अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।
बोर्ड परीक्षाओं का सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक संचालन
समीक्षा बैठक के दौरान बोर्ड परीक्षाओं के संचालन में भी सुधार लाने का फैसला लिया है। इसके तहत अब दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षा सुबह 10:00 से दोपहर 1:00 बजे तक होंगी। अभी तक सुबह 8:45 से दोपहर 12:00 बजे तक परीक्षाएं होती थी। इसके अलावा अब रैंडम तरीके से केंद्र अधीक्षक और उप अधीक्षक नियुक्त किए जाएंगे। सीबीएसई की तर्ज पर प्रति परीक्षा केंद्र एक पर्यवेक्षक भी नियुक्त होगा। उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने के लिए भी शिक्षकों की नियुक्ति रेंडम तरीके से की जाएगी।
बच्चों की शून्य संख्या वाले स्कूलों से ट्रांसफर होगा स्टाफ
विद्यार्थियों की शून्य संख्या वाले स्कूलों से शिक्षकों और गैर शिक्षकों को अन्य आवश्यकता वाले शिक्षण संस्थानों में स्थानांतरित किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेना होगा। जिन भी शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए चुना जाएगा, वो जाने से इन्कार नहीं कर सकेंगे।
100 फीसदी शिक्षकों को लगानी होगी डिजिटल हाजिरी
शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए गए सौ फीसदी शिक्षकों को डिजिटल हाजिरी ही लगानी होगी। जिला उपनिदेशकों से इस बावत हर माह के अंत में रिपोर्ट देने को भी कहा। इसके अलावा विद्यार्थियों की हाजिरी भी विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से लगाने को कहा गया।
प्रार्थना सभा में डे सेलिब्रेशन
अच्छे शिक्षकों की बनेगी सूची स्पेशनल डे की सेलिब्रेशन केवल प्रार्थना सभाओं में करवाने को कहा गया है। पूरा दिन बर्बाद नहीं किया जाएगा। अच्छे शिक्षकों की सूची तैयार करने को कहा गया है। उन्हें मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। शिक्षकों की कमी होने पर अन्य शिक्षक जो विषय पढ़ा सकते है, उन्हें संबंधित क्लास लेने के निर्देश भी दिए गए।