विरोध में उतरा शिक्षक संघ हपुटा, बोले, इक्डोल की बेहतरी के लिए ली जाएं सेवाएं
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल विश्वविद्यालय अब इक्डोल के शिक्षकों को विवि के रेगुलर विभागों में स्थानांतरित करने की तैयारी है। इस मामले को ईसी की बैठक में स्पॉट आइटम के रूप में ले जाकर हरी झंडी भी दिलवा दी है। इससे इक्डोल में सेवारत शिक्षक रेगुलर विभागों और विवि के ही अन्य शिक्षण संस्थानों में पढ़ाएंगे। विवि प्रशासन के इस फैसले के विरोध में शिक्षक संघ हपुटा उतर गया है।
संघ ने इस फैसले को वापस लेने और इस पर विचार करने की मांग की है। हपुटा के अध्यक्ष प्रो. श्याम लाल कौशल, सचिव प्रो. आरएल जिंटा और हपुटा के सदस्य प्रो मोहन झारटा ने सोमवार को इस मामले को लेकर कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इक्डोल एक बड़ा शिक्षण संस्थान है, यहां के शिक्षकों की सेवाओं को इक्डोल की बेहतरी और छात्रों तथा बेहतर शिक्षण सुविधा देने में किया जाए। एचपीयू और इक्डोल में शिक्षक भर्ती अलग प्रक्रिया है, फिर क्यों इक्डोल के शिक्षकों को एचपीयू पीजी सेंटर में ट्रांसफर किया जा रहा है।
प्रशासन इस फैसले पर दोबारा विचार करे। इन शिक्षक नेताओं ने कहा कि जो इक्डोल शिक्षकों को रेगुलर विभागों और संस्थानों में स्थानांतरित करने की मांग कर रहे हैं, इसमें उनके व्यक्तिगत स्वार्थ निहित है। कहा कि इससे रेगलुर विभागों के हितों की अनदेखी होगी। शिक्षकों ने कहा कि ईसी द्वारा कुलपति को इस पर फैसला लेने को अधिकृत करने से मामला और उलझ जाएगा। इसलिए शिक्षकों ने कुलपति से किसी भी सूरत में इक्डोल शिक्षकों को अन्य रेगुलर विभागों में स्थानांतरित न करने की मांग की।