हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ ने शिक्षा विभाग की अनदेखी के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की है। पहले चरण में शांतिपूर्वक संघर्ष की शुरुआत की जाएगी। विभाग और सरकार अध्यापकों की मांगों, समस्याओं पर विचार नहीं करते हैं तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।
हमीरपुर में आयोजित संघ की बैठक में संघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने पदाधिकारियों को जानकारी दी। चौहान ने बताया कि अध्यापक संघ ने मांगों को लेकर 20 अगस्त को शिमला में शिक्षा निदेशालय का घेराव करने का निर्णय लिया है। संघ की ओर से नोटिस भी दिया गया है।
20 अगस्त को अध्यापक घेराव कर विभाग को जगाने का प्रयास करेंगे। उसके बाद सचिवालय तक शांतिपूर्वक रैली निकाली जाएगी। सचिवालय में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, मुख्य सचिव, वित्त सचिव, शिक्षा सचिव के समक्ष मांगों को रखा जाएगा।
वीरेंद्र चौहान ने कहा कि सरकार को 4-9-14 का लाभ जनवरी 2006 से ही देना होगा, अक्तूबर 2012 से लाभ प्रदान करने पर बहुत बड़ी वेतन विसंगति खड़ी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि संघ पीरियड आधार पर अध्यापकों की भर्ती का भी विरोध करता है, शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में सरकार की नीति सफल नहीं होगी।