टाउन कंट्री प्लानिंग (टीसीपी) एरिया और नगर निगम की परिधि में बनने वाले मकान की छत सेंटर से 3.05 मीटर जबकि किनारों से जीरो रहेगी। छत से बारिश के पानी की निकासी को रेनहार्वेस्टिंग टैंक में डालना अनिवार्य किया गया है। एटिक को रिहायशी बनाए जाने से नए निर्माणाधीन भवनों के अलावा पुराने भवन मालिकों को भी फायदा होगा। अब इनके भवन नियमित हो सकेंगे। सरकार ने भवनों के एटिक को रहने योग्य बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना नियम 2014 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। टीसीपी अधिसूचना जारी करने से पहले अन्य औपचारिकताएं पूरी करने में जुटा है। पहले एटिक की ऊंचाई 2.75 मीटर थी।
इसमें लोगों को रहना अनिवार्य नहीं था। दूसरे, एटिक की ऊंचाई कम होने से कमरों को निर्माण नहीं हो सकता था। अगर कोई भवन मालिक एटिक का आकार बढ़ाता है तो उनके नक्शे पास नहीं किए जाते थे, अब एटिक की ऊंचाई बढ़ाए जाने से लोगों को राहत मिली है। भवन मालिक एटिक में बिजली और पानी के कनेक्शन लगा सकेंगे। मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने बताया कि प्रदेश सरकार के इस फैसले से 40 हजार से ज्यादा भवन मालिकों को राहत मिली है। हिमाचल में हजारों ऐसे भवन मालिक है जिनकी एटिक का साइज बढ़ा था, लेकिन नियमों के तहत ये भवन नियमित नहीं हो पा रहे थे। अब यह सभी भवन नियमित हो सकेंगे। एटिक में कमरे बनाने के साथ-साथ बिजली पानी के कनेक्शन लगाकर लोग रह सकेंगे।