उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषण से बीबीएन में क्षय रोग फैलने का अंदेशा है। चार मुख्य क्षेत्रों में बीबीएन के 17 लोगों में टीबी के लक्षण सामने आए हैं। संभावित रोगियों को चिन्हित कर पीएचसी पट्टा में आवश्यक उपचार के लिए भेजा गया है। जहां दोबारा इनके बलगम के नमूने लिए गए हैं।
उधर रोग से निपटने और जागरूकता फैलाने के लिए केंद्रीय और राज्य योजनाओं का करोड़ों का बजट भी इस क्षेत्र में क्षय रोग को नियंत्रित नहीं कर पा रहा है। ऐसे में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। ये सभी मामले बद्दी के चक्का रोड, पीपल चौक, लेबर चौक और सिक्का रिजोर्ट स्लम एरिया में सामने आए हैं। जहां एक एनजीओ सर्वे कर रहा है।
सत्रह लोगों में टीबी के लक्षण
प्राथमिक चिकित्सालय पट्टा के चिकित्सक डॉ. अशीष कुमार ने 17 लोगों को टीबी के रोग के लक्ष्ण की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि रोगियों की जांच कर उनके बलगम के सैंपल दोबारा लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद सही ढंग से पता चलेगा कि क्षय रोग किस स्टेज में है। इसके बाद ही आगामी डायगनोज शुरू किया जाएगा।
7 का चल रहा उपचार, 10 में लक्षण : सीएमओ
सीएमओ सोलन डॉ. आरके दरोच ने बताया कि 17 में से 07 रोगियों का पहले ही टीबी का उपचार चल रहा है। उन्हें पहले से ही दवाई लगी हुई है। लेकिन 10 मामले नए सामने आए हैं। उनके बलगम के सुबह के सैंपल ले लिए गए हैं। अब शाम के सैंपल भी लिए जाएंगे। उसके बाद ही आगामी डायगनोज शुरू होगा। अगर मामले पॉजीटिव नहीं निकले तो सर्वे करने वाली संस्था पर कार्रवाई होगी।
ऐसे सामने आए मामले
सर्वे करने वाली निजी संस्था के धर्मवीर सिंह, पुष्प लता, रजिया, पूनम, मुकेश ने कहा कि इन क्षेत्रों में कई गरीब परिवारों के बीच उन्होंने संपर्क साधा है। चिन्हित क्षेत्रों से कई खून और बलगम के सैंपल लिए गए। जिसमें 17 लोग पॉजिटिव पाए गए। बीबीएन में रोगियों की संख्या अधिक भी हो सकती है। इन रोगियों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पट्टा में प्राथमिक उपचार के लिए लाया गया है। यहां पर दोबारा चिकित्सकों ने बलगम के सैंपल लिए हैं। नतीजतन बीमारी क्रॉसचैक हो सके।