हिमाचल में 188 नई सड़कें और 26 पुल बनेंगे। सरकार ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय को प्रस्ताव भेज दिए हैं। मुख्य सचिव पी. मित्रा की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय समिति ने मंजूरी दी है। 90 फीसदी मदद केंद्र से आएगी, जबकि 10 प्रतिशत खर्च हिमाचल सरकार वहन करेगी।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के राष्ट्रीय ग्रामीण सड़क एजेंसी को 731.59 करोड़ रुपये की नई सड़क परियोजनाएं स्वीकृति को भेजी गई हैं। इन परियोजनाओं को मंगलवार को मुख्य सचिव पी. मित्रा की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की राज्यस्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक के दौरान मंजूरी दी गई।
हिमालयीय राज्य के लिए नई संशोधित वित्तपोषण पद्धति के तहत प्रदेश कुल आवंटन का 10 प्रतिशत वहन करेगा। उन्होंने प्रदेश के दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने के लिए सड़क निर्माण में गुणवत्ता बनाए रखने पर बल दिया। जिन परियोजनाओं को सोमवार को स्वीकृति दी गई, उनमें प्रथम चरण में 9543.70 लाख की 136.015 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजनाएं शामिल हैं।
वहीं, एक और जमा दो चरण में 2082.04 लाख रुपये की 32.090 किलोमीटर लंबी नई सड़क परियोजनाएं और शेष बचे और छूट गए 26 पुलों के लिए 3892.49 लाख की परियोजनाएं शामिल हैं। चरण-दो में 29369.31 लाख रुपये की 524.200 किलोमीटर लंबी नई सड़क परियोजना और 28271.02 लाख रुपये की 465.435 किलोमीटर लंबी सड़क स्तरोन्नयन परियोजना शामिल है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में मार्च 2019 तक जोड़ेंगे नई बस्तियां
अतिरिक्त मुख्य सचिव लोक निर्माण नरेंद्र चौहान ने समिति के सदस्यों को प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 15 वर्षों की उपलब्धियों के बारे में अवगत करवाया। चौहान ने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत शेष बची पात्र बस्तियों को मार्च 2019 तक जोड़ा जाए, जबकि पहले यह लक्ष्य 2022 तक निर्धारित किया गया था। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार पात्र बस्तियों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए वचनबद्ध है। बशर्ते लोग अपनी निजी भूमि को इस कार्य के लिए दें।