हिमाचल में सरकारी बसों के साथ एक जून से बिना पास टैक्सी सेवा और निजी वाहनों की आवाजाही भी शुरू हो जाएगी। कैबिनेट में विस्तृत चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया है। परिवहन विभाग ने इसकी गाइडलाइंस तैयार कर सरकार को भेज दी हैं। हिमाचल मंत्रिमंडल ने फैसला लिया है कि थ्री व्हीलर जिला उपायुक्त की अनुमति से चलाए जा रहे हैं। कई स्थानों पर चल भी रहे हैं।
परिवहन महकमे की ओर से तैयार गाइडलाइंस में टैक्सी चलाने को तीन प्लस एक का फार्मूला अपनाया गया है। यानी, एक टैक्सी में ड्राइवर के अलावा तीन सवारियां बैठ सकेंगी। एक चालक के सामने और दो पीछे बैठेंगे। टैक्सी चालक और यात्रियों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। सभी यात्री वाहनों में हैंड सैनिटाइजर और अतिरिक्त मास्क रखने होंगे, जिससे यात्री टैक्सी में बैठने से पहले अपने हाथ सैनिटाइज कर सकें।
किसी यात्री के पास मास्क न हो तो वे उसे मास्क दे सकें। चालकों को अपने वाहन रोजाना सुबह और शाम सैनिटाइज करने होंगे। बिना सैनिटाइज किए वाहन सड़कों पर नहीं दौड़ेंगे। ये वाहन कंटेनमेट जोन से न तो सवारियां उठाएंगे और न ही वहां रुकेंगे। निजी वाहनों के लिए भी यही व्यवस्था होगी।
आर्थिक गतिविधियां शुरू करने को विभाग देंगे रिपोर्ट
बुधवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की अध्यक्षता वाली कैबिनेट सब कमेटी की दूसरी रिपोर्ट रखी गई। यह सब कमेटी प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां शुरू करने के लिए बनाई गई है। इस रिपोर्ट के बाद अब सभी विभागाध्यक्ष अपने-अपने विभागों से संबंधित ब्योरा देंगे कि वे किन-किन गतिविधियों को शुरू करवा सकते हैं।
विभागों की रिपोर्ट अगली कैबिनेट बैठक में रखी जाएगी, उसी में ही इस बारे में फैसले होंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव रामसुभग सिंह की अध्यक्षता वाली टास्क फोर्स ने भी करीब ढाई घंटे की प्रस्तुति दी।