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हिमाचल: 1,287 करोड़ से बनेगा तांदी-उदयपुर-संसारीनाला सामरिक मार्ग, पाकिस्तान सीमा तक पहुंचेगी सेना

Wed, 21 Jun 2023 11:08 AM IST
Krishan Singh रोशन ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू

सार

रक्षा मंत्रालय अब कुल्लू-मनाली और लाहौल होकर तांदी-उदयपुर-संसारीनाला सड़क को अपग्रेड कर सामरिक मार्ग बनाने जा रहा है। ऐसे में भारतीय सेना का मनाली से उदयपुर होकर जम्मू के किश्तवाड़ होकर पाकिस्तान बॉर्डर तक पहुंचना आसान होगा।
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तांदी-संसारीनाला सड़क - फोटो : संवाद
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विस्तार
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 पाकिस्तान की सीमा तक सेना की पहुंच को आसान बनाया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय अब कुल्लू-मनाली और लाहौल होकर तांदी-उदयपुर-संसारीनाला सड़क को अपग्रेड कर सामरिक मार्ग बनाने जा रहा है। ऐसे में भारतीय सेना का मनाली से उदयपुर होकर जम्मू के किश्तवाड़ होकर पाकिस्तान बॉर्डर तक पहुंचना आसान होगा। यह मार्ग पठानकोट-जम्मू का भी एक विकल्प होगा। तांदी-उदयपुर-संसारीनाला मार्ग सामरिक महत्व की दृष्टि से हाईवे बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने 1287.37 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। सीमा सड़क संगठन तांदी से लेकर संसारीनाला तक 89 किलोमीटर सड़क को अपग्रेड कर हाईवे का रूप देगा। वर्तमान में 80 फीसदी मार्ग वनवे है और कई जगहों पर सड़क बहुत ही खराब और संकरी है। सर्दी और बरसात के दिनों अमूमन हर तीसरे दिन हिमस्खलन, भूस्खलन से अवरुद्ध रहता है।

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पहाड़ियों के बीच से गुजरने वाला यह मार्ग न केवल डबललेन होगा। पांगी-किलाड़ और जम्मू-कश्मीर के लोगों का सफर आसान होने के साथ ही इससे पर्यटन कारोबार को भी पंख लगेंगे। किश्तवाड़ को जोड़ने वाला यह मार्ग सर्दी के दिनों भी यातायात के लिए बहाल रहता है। सीमा सड़क संगठन का प्रोजेक्ट दीपक इस राष्ट्रीय राजमार्ग को बनाएगा। लाहौल के तांदी संगम से थिरोट तक 30 किमी के निर्माण पर 507.70 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। जबकि, उदयपुर के तिंदी तक भी 30 किमी सड़क को अपग्रेड किया जाएगा और इस पर 473.24 करोड़ और शोर से किलाड़ तक 29 किमी को डबललेन करने पर 306.43 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उपरेाक्त 89 किमी के दायरे में भूमि अधिग्रहण और वन क्लीयरेंस की सभी प्रक्रिया को अगस्त 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। राजस्व विभाग के तहसीलदार केलांग नरेंद्र कुमार ने कहा कि वन व सरकारी जमीन की प्रक्रिया को पूरा कर इसकी रिपोर्ट सौंप दी है। जबकि, निजी भूमि पर की गई निशानदेही का रिकार्ड भी तैयार किया जा रहा है और दो हफ्ते के भीतर यह काम भी पूरा हो जाएगा।

मनाली-तांदी-उदयुपर-संसारीनाला होकर भारतीय सेना को पाकिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्र किश्तवाड़, डोडा, रामबन, उधमपुर, कुलगाम, राजौरी, मीरपुर और पुंछ आदि क्षेत्रों तक पहुंचना आसान होगा। यह सभी जिले पाकिस्तान सीमा से सटे हैं। यहां के लिए पठानकोट से जम्मू होकर सेना जाती है। 1999 के कारगिल युद्ध में पाकिस्तान ने जम्मू-श्रीनगर मार्ग को बाधित किया था और भारतीय सेना को मनाली-लेह मार्ग होकर जाना पड़ा था। मनाली-लेह वाया श्रीनगर होकर इन इलाकों तक पहुंचने के लिए सेना को करीब 1042 किमी का सफर करना पड़ता है। जबकि मनाली-किश्तवाड़-उधमपुर की दूरी करीब 530 किमी है। अब पाकिस्तान की सीमा तक पहुंचने के लिए भारतीय सेना को तांदी-उदयुपर-संसारीनाला-किश्तवाड़ हाईवे एक वैकल्पिक मार्ग होगा।

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