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शिमला-मटौर फोरलेन को लेकर की है केंद्रीय मंत्री गडकरी से बात: जयराम

Fri, 18 Sep 2020 06:13 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर - फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि 223 किलोमीटर के शिमला-मटौर फोरलेन को लेकर उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से बात की है। इसको लेकर दिल्ली जाने की योजना बनाई थी, लेकिन गडकरी के कोरोना संक्रमित होने से कार्यक्रम टल गया। केंद्र को फोरलेन बनाने की मांग को लेकर पत्र भेजा गया है। जल्द मामले को लेकर दिल्ली जाऊंगा। कहा कि राजधानी शिमला को नौ जिलों से जोड़ने वाले इस फोरलेन को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है। विधानसभा सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को प्रश्नकाल के बाद नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के तहत शिमला-मटौर को फोरलेन बनाने से केंद्र के हाथ खींचने का मामला उठाया। कहा कि दस सितंबर को नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सरकार को पत्र जारी कर फोरलेन के लिए प्रस्तावित मार्ग को राज्य लोकनिर्माण विभाग को सौंप दिया है। नेशनल हाइवे और फोरलेन को लेकर किए गए दावे फलीभूत नहीं हुए हैं।

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अगर इस मार्ग को फोरलेन नहीं बनाना है तो कम से कम नेशनल हाइवे का दर्जा तो दिया जाए। लोनिवि के पास यह सड़क आने से इसका दर्जा स्टेट हाइवे का रह जाएगा। उन्होंने पठानकोट-मंडी फोरलेन के साथ भी इस तरह का बर्ताव होने की आशंका जताई। कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सुक्खू ने कहा कि फोरलेन बनाने के लिए कुछ जगह भूमि का अधिग्रहण भी हो चुका है। सरकार स्वयं अपने संसाधनों से ऐसे क्षेत्रों में फोरलेन का निर्माण करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला-मटौर को बेशक फोरलेन न बनाने को लेकर पत्र जारी हुआ है, लेकिन कोई भी पत्र अंतिम नहीं होता है। सरकार मामले को लेकर गंभीर है। केंद्रीय मंत्री ने एनएचएआई को आगामी फैसला होने तक सड़क का मरम्मत कार्य जारी रखने को कहा है। यह सड़क प्रदेश के लिए जरूरी है। केंद्र से दोबारा विचार करने की मांग की गई है। 

नेशनल हाइवे और फोरलेन के मुद्दे से सत्ता में आई भाजपा : मुकेश
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि नेशनल हाइवे और फोरलेन के मुद्दे से भी प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है। केंद्रीय मंत्री ने 65 हजार करोड़ से 69 एनएच बनाने का एलान किया था। अभी तक एक भी एनएच नहीं बन सका है। फोरलेन भी हाथ से चला गया है। चुनावों के समय भाजपा के कई नेता एनएच के पर्चे लेकर घूमते रहते थे। पगडंडियां भी नेशनल हाइवे बनाने के दावे चुनावों में किए थे। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें भी प्रदेश की चिंता है। हमारे तो बाल भी झड़ गए हैं, आपके बाल तो अभी भी हैं।

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मनरेगा सड़कों की मरम्मत में वन विभाग फ्रेंडली तरीके से पेश आएगा: पठानिया   

प्रदेश विधानसभा में वन मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि मनरेगा सड़कों की मरम्मत में वन विभाग फ्रेंडली तरीके से पेश आएगा। एफआरए मंजूरी के मामलों के लंबित होने पर आए सवाल के जवाब में वन मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। शुक्रवार को नाचन के भाजपा विधायक विनोद कुमार ने अनुपूरक सवाल किया कि मनरेगा के तहत बहुत सी सड़कें वन क्षेत्र में बनी हैं, अगर रिपेयर करने की बात आती है तो वहां फॉरेस्ट गार्ड, बीओ खडे़ हो जाते हैं।

इस पर वन मंत्री ने कहा कि एफआरए के मामलों में वन विभाग फ्रेंडली तरीके से पेश आएगा। भटियात के भाजपा विधायक विक्रम जरयाल ने एफआरए अनुमतियों और ग्रीन फेलिंग पर सवाल किया। वन मंत्री राकेश पठानिया बोले कि यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। सुप्रीम कोर्ट में इस केस को लड़ा जा रहा है। दो साल में 120 अनुमतियां ली जा चुकी हैं। 150 के अनुमतियां कोर्ट में लंबित हैं। सुप्रीम कोर्ट में यह मामला ठीक से रखा जा रहा है। 
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बागवानों को एंटीहेल नेट उपदान को सरकार ने नीति नहीं बदली

सदन में शुक्रवार को बताया गया कि प्रदेश के बागवानों को एंटीहेल नेट पर उपदान देने के लिए सरकार ने नीति नहीं बदली है। सरकार बागवानों को एंटीहेल नेट अस्सी फीसदी उपदान पर उपलब्ध करा रही है। माकपा विधायक राकेश सिंघा ने शुक्रवार को बागवानों से जुड़े एंटीहेल नेट पर दिए जा रहे उपदान की नीति पर सदन में सवाल पूछा। सिंघा ने सरकार से जानना चाहा कि क्या सरकार नेट पर उपदान देने की नीति बदलने जा रही है।

इस पर सरकार ने लिखित जवाब में अवगत कराया कि एकीकृत बागवानी विकास मिशन और राज्य प्लान स्कीम के तहत बागवानों को योजना के तहत एंटीहेल नेट लगाने के लिए वित्तीय मदद दी जाती है। इन नेटों की आपूर्ति के लिए फर्मों को सूचीबद्ध किया है।  अवगत कराया गया कि विभाग ने वर्ष 2021 के लिए विभिन्न फर्मों को सूचीबद्ध किया है। एंटीहेल नेट बागवानों को 10 से 15 रुपये वर्ग मीटर के हिसाब से उपलब्ध कराया जा रहा है। नेट की गुणवत्ता के आधार पर रेट तय हैं।
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