राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने प्रदेश की जनता से प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना का लाभ उठाने का आग्रह किया है। इस परियोजना के तहत हिमाचल प्रदेश के लोगों को 48 जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने डाक्टरों से आग्रह किया कि वह लोगों को जेनेरिक दवाओं के प्रति जागरूक करें।
राज्यपाल ने कहा कि मंगलवार को परियोजना के तहत पांचवें जन औषधि दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष कार्यक्रम की विषय वस्तु ‘जन औषधि-सस्ती भी, अच्छी भी’ है। राज्यपाल ने कहा कि जन औषधि दवाओं की कीमतें आम तौर पर ब्रांडेड दवाओं की कीमतों की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत कम होती हैं। ये दवाएं खुले बाजार में उपलब्ध होती हैं और इनकी गुणवत्ता महंगी ब्रांडेड दवाओं के समान होती है।
यह योजना उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है जो उपचार के लिए प्रतिदिन दवा का सेवन करते हैं। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों पर 1759 से अधिक उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं और 280 सर्जिकल तथा अन्य उत्पाद उपलब्ध करवाए जाते हैं। सभी दवाएं डब्ल्यूएचओ-जीएमपी प्रमाणित आपूर्तिकर्ताओं से ही खरीदी जाती हैं। उन्होंने सभी चिकित्सकों से भी आग्रह किया है कि वह मरीजों को जेनेरिक दवाओं का परामर्श दें ताकि गरीब व अन्य वर्गों को इसका लाभ मिल सके।