सांस्कृतिक और ऐतिहासक विरासत की पहचान को फिर से स्थापित करने के अलावा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत जिला कांगड़ा के चिन्हित स्थान पौंग बांध व इसके साथ लगते धरोहर गांवों में कवायद अब और तेज हो गई है। योजना को धरातल पर उतारने के लिए अब यहां का सर्वे करवाया जा रहा है। इसके लिए गठित छह सदस्यों की टीम अब इस परियोजना को लेकर पूरे क्षेत्र में उन सभी संभावनाओं की तलाश में जुट गई है। इसके आधार पर इस क्षेत्र में यह परियोजना सही ढंग से धरातल पर उतर सके। इसके बाद इस परियोजना को लेकर बजट का प्रावधान कर इस योजना को आगे बढ़ाया जाएगा। इस सर्वे में मुख्य बिदुंओं में पौंग बांध, गुलेर, डाडासीबा, मसरूर क्षेत्र व संभावनाओं के अनुरूप गांवों और कस्बों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनछुए पहलुओं, इतिहास व संस्कृति लोक विद्याओं, परपंराओं को देश-विदेश से आने वाले लोगों को बताया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर युवाओं को रोजगार स्थापित करते के साथ पर्यटन से अर्थव्यस्था को बढ़ाना रहेगा।
स्वदेश दर्शन योजन के तहत जिला कांगड़ा में चयनित स्थलों में सर्वे शुरू कर दिया गया है। छह सदस्यों की गठित टीम इस सर्वे में उन संभावनाओं को तलाश करेगी जहां इन पर्यटन स्थलों में अनछुए पहलूओं को विकसित कर स्थानीय लोगों और युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाए। इसके बाद बजट और आगे की प्रकियाओं पर कार्य किया जाएगा।-विनय धीमान, जिला पर्यटन अधिकारी कांगड़ा।