स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में राजधानी शिमला का प्रदर्शन बेशक निराशाजनक रहा, लेकिन शहर के लिए एक अच्छी खबर भी आई है। शिमला शहर को गारबेज फ्री सिटी घोषित किया गया है। गारबेज फ्री सिटी बनने वाला शिमला प्रदेश का पहला शहर है। गारबेज फ्री सिटी के तौर पर शिमला शहर को एक स्टार मिला है। नगर निगम ने सात स्टार का दावा किया था। पिछले साल शिमला को खुला शौचमुक्त की श्रेणी में ओडीएफ डबल प्लस भी घोषित किया जा चुका है।
अब गारबेज फ्री सिटी के तौर पर भी शिमला को पहचान दी गई है। इस श्रेणी में आने के लिए शिमला तीन साल से अपना दावा पेश कर रहा था। इस बार इसमें सफलता मिली है। निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चेतन चौहान की अगुवाई वाली टीम ने गारबेज फ्री सिटी की श्रेणी में आने के लिए कड़ी मेहनत की थी। गारबेज फ्री सिटी का अर्थ है कि शिमला शहर में अब खुले में कचरा नहीं फेंका जाता। स्वास्थ्य अधिकारी चेतन चौहान ने कहा कि शिमला अब गारबेज फ्री सिटी है। कहा कि निगम कर्मचारियों के कोविड ड्यूटी के चलते दूसरी श्रेणियों में शिमला बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाया लेकिन अगले साल इसमें सुधार किया जाएगा।
छोटे शहरों का अच्छा रहा प्रदर्शन
25000 से कम आबादी वाले शहरी निकायों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। पिछले साल जहां 2020 के सर्वेक्षण में राज्य में पहले स्थान पर रहने वाले नयना देवी शहर की जोनल रैंकिंग 397 थी। हालांकि इस बार धर्मशाला समेत आठ ऐसे शहर हैं, जिनकी रैंकिंग 400 से कम रही है। धर्मशाला 134वें स्थान पर रहा, पालमपुर 214, कांगड़ा 266, नारकंडा 276 बैजनाथ पपरोला 318, रिवालसर 334, सरकाघाट 344 और परवाणू 366वें पायदान पर रहा। पिछले साल पहले स्थान पर रहने वाले नयना देवी शहर की रैंकिंग इस बार 661 पहुंच गई।
कुछ शहरों का प्रदर्शन अच्छा, कमियां दूर करेंगे : भारद्वाज
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में अच्छे प्रदर्शन को लेकर राज्य के लोगों को बधाई दी। मंत्री ने कहा कि पिछले साल की तुलना में कई शहरों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। जिन शहरों के प्रदर्शन में कमी दिखी है, उसे दूर करेंगे।