शिमला से सांसद सुरेश कश्यप ने लोकसभा में राष्ट्रीय कॅरियर सेवा पोर्टल के उन्नयन और उसके प्रभाव से संबंधित प्रश्न उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के युवाओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने एनसीएस पोर्टल को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड आधारित तकनीक और ओपन डिजिटल आर्किटेक्चर से सशक्त बनाकर इसे अधिक प्रभावी, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया है।
सुरेश कश्यप ने कहा कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार एनसीएस पोर्टल अब केवल नौकरी खोजने का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार, कौशल विकास, कॅरियर परामर्श, व्यावसायिक मार्गदर्शन, ऑनलाइन एवं ऑफलाइन रोजगार मेलों तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने वाला व्यापक सिंगल विंडो मंच बन चुका है। इससे देश के करोड़ों युवाओं को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार ने देशभर में 407 मॉडल कॅरियर सेंटर को स्वीकृति प्रदान की है, जो युवाओं को रोजगार एवं कॅरियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही राज्यवार एवं जिलावार रोजगार चाहने वालों, नियोक्ताओं और रिक्तियों की जानकारी भी एनसीएस पोर्टल पर उपलब्ध है, जिससे रोजगार प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनी है।
सुरेश कश्यप ने बताया कि एनसीएस पोर्टल पर अब एआई आधारित इंटेलिजेंट जॉब मैचिंग, स्किल गैप एनालिसिस, व्यक्तिगत रोजगार सुझाव, एआई इंटरव्यू कोच तथा भाषिणी के माध्यम से बहुभाषी सुविधा जैसी आधुनिक सेवाएं भी उपलब्ध हैं। इससे युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप रोजगार प्राप्त करने में बड़ी सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए रोजगार, कौशल विकास और डिजिटल तकनीक को एकीकृत कर रही है। यह पहल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ भारत को विश्व की अग्रणी कौशल अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।