शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज
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शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि पिछली बार चुनाव से ठीक पहले जनता को ठगने के लिए कांग्रेस ने 21 कॉलेज घोषित किए और उनके लिए केवल एक-एक लाख रुपये बजट का ही प्रावधान किया। इनमें भाजपा ने 17 कॉलेजों को धरातल पर उतारा है। जयराम सरकार बजट में प्रावधान कर ही नए शिक्षण संस्थान खोल रही है या स्तरोन्नत कर रही है। कांग्रेस ने केवल वादे किए हैं, जबकि भाजपा ने उन्हें पूरा भी किया। सरकार ने शिक्षा क्षेत्र के लिए 8 हजार 412 करोड़ के बजट का प्रावधान किया। भारद्वाज ने रविवार को शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर सभी को शुभकामनाएं दीं।
कहा कि कांग्रेस आम आदमी पार्टी की तर्ज पर गारंटियां दे रही है। इसका मुकाबला भाजपा से नहीं, आप से ही है। भारद्वाज ने शिक्षा क्षेत्र मेें सरकार की कई उपलब्धियां भी गिनाईं। बजट में प्रावधान कर 72 से अधिक मिडल स्कूलों को उच्च और 70 से अधिक हाई स्कूलों को वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में स्तरोन्नत किया है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रदेश टॉप राज्यों में शुमार है। हिमाचल की इस इंडेक्स में चौथी रैंकिंग है। हिमाचल के गठन के बाद से केवल एक विश्वविद्यालय की शिमला में स्थापना हुई। जयराम सरकार ने मंडी में दूसरे सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी को खोला। सरकार ने कॉलेज-यूनिवर्सिटी शिक्षकों को नया पे स्केल दिया। करीब 20 हजार मेधावियों को लैपटॉप दिए। दशकों बाद छात्रवृत्ति राशि में भी अभूतपूर्व वृद्धि हुई। यहां वर्चुअल क्लासरूम स्थापित किए। राज्य में स्कूल वर्दी के दो-दो सेट दिए जा रहे हैं। विद्यार्थियों को निशुल्क किताबें दे रहे हैं।
मैंने तो एड्वर्डियन और कॉटोनियन दोनों को हराया
शहरी विकास मंत्री ने सरकारी स्कूलों को कान्वेंट स्कूलों से किसी भी सूरत मेें कम न आंकते हुए कहा कि उन्होंने तो शिमला में एड्वर्डियन यानी टिकेंद्र सिंह पंवर और कॉटोनियन हरीश जनार्था दोनों को ही चुनाव में हराया है, जबकि वह तो सरकारी स्कूल में पढ़े हैं। पाकिस्तान का राष्ट्रपति रहा जिया उल हक भी शिमला के सरकारी स्कूल लालपानी से पढ़ा है। शिमला मेें पोर्टमोर स्कूल का बेहतरीन प्रदर्शन है। ऐसे में सरकारी स्कूलों के बच्चे कामयाब नहीं होते हैं, यह कहना गलत है। सरकारी स्कूलों में ज्यादा योग्य शिक्षक हैं।