सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर प्रदेश सरकार वर्ष 2017 में करीब 436 करोड़ रुपये खर्च कर रही थी। 2021 में यह बजट बढ़कर 1037 करोड़ रुपये हो चुका है। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने कर्मचारी और पेंशनर वर्ग के कल्याण के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
हिमाचल प्रदेश के शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि 40 वर्षों के बाद शिमला का डेवलपमेंट प्लान लागू होने वाला है। इससे न केवल विकास से संबधित प्रकल्प पूरे होंगे बल्कि आम लोगों को आ रही परेशानियां भी दूर होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से बिजली की दरों को संशोधित करना, 60 यूनिट तक कोई शुल्क न लेने का निर्णय लोकहित में है। प्रदेश में 60 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को अब बिल अदा नहीं करना पड़ेगा। वहीं 125 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को एक रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल की राशि अदा करनी होगी। इससे पूर्व प्रदेश में 125 यूनिट बिजली उपयोग करने पर 1.90 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल अदा करना पड़ता था। इसके अलावा किसानों के लिए तय की गई 50 पैसे प्रति यूनिट की दर को कम कर 30 पैसे कर दिया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए न्यूनतम आय सीमा को 35 हजार से बढ़ा कर पचास हजार किया है।
विज्ञापन
सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर प्रदेश सरकार वर्ष 2017 में करीब 436 करोड़ रुपये खर्च कर रही थी। 2021 में यह बजट बढ़कर 1037 करोड़ रुपये हो चुका है। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने कर्मचारी और पेंशनर वर्ग के कल्याण के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पुलिस विभाग में कांग्रेस काल से चली आ रही विसंगति को दुरुस्त करना, आउटसोर्स कर्मचारियों के कल्याण के लिए विचार करना, अनुबंध काल को कम कर 2 वर्ष करने जैसे अनेक कदम प्रदेश सरकार ने उठाए हैं। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वह घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। उनके समय में भी यही समस्याएं थी लेकिन उनका समाधान नहीं किया गया बल्कि काफ ी सारी समस्याएं कांग्रेस के समय में ही उत्पन्न हुई है।