एसआईटी की रिपोर्ट के तहत 11 संस्थानों को बंद करने की सिफारिश की गई है। इनमें शिमला कॉलेज ऑफ एजूकेशन, बीएड व डीएलएड चम्याणा (संजोली), दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज ऑफ एजूकेशन मैहरे, साईं कॉलेज ऑफ एजूकेशन बीएड व डीएलएड कोहला (नादौन), हिमालयन कॉलेज ऑफ एजूकेशन गांव पुनग सुंदरनगर, ब्लूम्स
कॉलेज ऑफ एजूकेशन बीएड व डीएलएड गांव कोट मंडी, हिमाचल इंस्टीट्यूट ऑफ एजूकेशन बाईपास रोड सोलन, लक्ष्य इंस्टीट्यूट ऑफ एजूकेशन गांव मंजियात अर्की तथा मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में हिमाचल प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एमबीए व एमसीए मौजा मजीद टुटू व हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर साइंस कालाअंब, पॉलिटेक्निक कॉलेजों में हिमालयन पॉलिटेक्निक सिरमौर को बंद करने की सिफारिश की है।
क्या है मामला- हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रदेश के कुछ शिक्षण संस्थानों द्वारा जाली सर्टिफिकेट जारी करने से जुड़ी खबरों पर संज्ञान लेते हुए प्रदेश के सभी तकनीकी शिक्षण संस्थानों की विस्तृत जांच सीबीआई को सौंपी थी।
सीबीआई ने मानव संसाधनों की कमी का हवाला लेते हुए एसआईटी गठन की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी का गठन कर इसका अध्यक्ष बिहार कैडर के रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी एसी वर्मा को बनाया, जबकि सीबीआई के रिटायर्ड उच्च अधिकारी एके मल्होत्रा, पीसी शर्मा व विजय कुमार को इसका सदस्य बनाया।
एसआईटी ने 24 निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने के अलावा इन संस्थानों को बंद करने की सिफारिश की है। इनमें शांति कॉलेज ऑफ एजूकेशन फॉर बीएड एंड एमएड कैलाश नगर नकरोह, शांति कॉलेज ऑफ एजूकेशन फॉर डीएलएड, मॉडर्न एजूकेशन कॉलेज अनाडेल शिमला, स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ एजूकेशन बीएड व डीएलएड तरक्वाडी हमीरपुर, शंकर लाल मेमोरियल कॉलेज ऑफ एजूकेशन बीएड व डीएलएड चंडी कसौली, नामधारी कॉलेज ऑफ एजूकेशन
भोजपुर सुंदर नगर, विजय मेमोरियल कॉलेज ऑफ एजूकेशन बीएड व डीएलएड नेरचौक मंडी, लालजी कॉलेज बल्ह मंडी, हिमाचल कॉलेज ऑफ एजूकेशन बीएड व डीएलएड कालाअंब, करिश्मा एजूकेशनल सेंटर बीएड व डीएलएड नेरचौक तथा मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी गौतम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी हमीरपुर, शिमला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी संजौली, साईं राम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी टिपर हमीरपुर, हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट कालाअंब,
हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी सिरमौर, अभिलाषी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड स्टडीज नेरचौक, साइंस स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी पालमपुर, फार्मेसी में साईं राम कॉलेज ऑफ फार्मेसी हमीरपुर, पालीटेक्निक में गौतम गर्ल्स पालीटेक्निक हमीरपुर, देवास्या पॉलीटेक्निक रोड बजौरी हमीरपुर, साईं राम पालीटेक्निक टिपर हमीरपुर, नटराज पॉलीटेक्निक रजवाड़ी सुंदर नगर के नाम शामिल हैं। एसआईटी ने तीन अन्य निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ आपराधिक मामले दायर
करने, संस्थानों को बंद करने व राजस्व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाने की सिफारिश की है। इनमें शरण कॉलेज ऑफ एजूकेशन फार वुमेन डीएलएड कांगड़ा, आरसी कॉलेज ऑफ एजूकेशन बीएड व डीएलएड ज्वालामुखी तथा मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग में वैष्णो कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग नूरपुर का नाम शामिल है। इसके अलावा एसआईटी ने दो निजी आईटीआई संस्थानों को बंद करने की सिफारिश भी की है। इनमें विद्या ऑप्टेक आईटीआई बंगाणा ऊना व शिक्षा भारती प्राइवेट आईटीआई कोटला खुर्द का नाम शामिल है।
एचपीयू, राजस्व अधिकारियों पर होगी कार्रवाई- एसआईटी ने तीन निजी शिक्षण संस्थानों को त्रुटियों को दूर करने के अलावा एनसीटीई, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय व राजस्व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश की है। इनमें क्षेत्रीय कॉलेज ऑफ एजूकेशन इंदौरा, कांगड़ा तारा कॉलेज ऑफ एजूकेशन नूरपुर, वैष्णो कॉलेज ऑफ एजूकेशन नूरपुर के नाम शामिल हैं।