‘रूल ऑफ लॉ’ को बनाए रखने के लिए ‘रूल ऑफ लव’ का होना बहुत जरूरी है। ये शब्द सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश और हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश कुरियन जोसफ ने शनिवार को प्रदेश हाईकोर्ट परिसर में कहे।
न्यायाधीश जोसफ के शिमला पहुंचने पर उनका गरिमापूर्ण स्वागत किया गया और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। न्यायाधीश जोसफ के साथ प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर, न्यायाधीश संजय करोल, न्यायाधीश राजीव शर्मा, न्यायाधीश वीके शर्मा, न्यायाधीश तरलोक चौहान, न्यायाधीश पीएस राणा, न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर, महाधिवक्ता श्रवण डोगरा व प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रधान अश्वनी पाठक उपस्थित थे।
न्यायाधीश जोसफ ने कहा कि यदि सही मायने में ‘रूल ऑफ लॉ’ को बनाए रखना है तो ‘रूल ऑफ लव’ का होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल और यहां के लोग उन्हें बहुत प्यारे लगते हैं।
ऐसा कोई भी दिन नहीं होता जिस दिन में शिमला या हिमाचल हाईकोर्ट को याद न करते हों। उन्होंने हाईकोर्ट के वकीलों का अपने मुव्वकिलों के प्रति रवैये को भी सराहा। इस अवसर पर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर ने कहा कि बार और बैंच रिलेशनशिप न्याय प्रदान करने में अहम भूमिका निभाता है।
न्यायाधीश जोसफ ने हाईकोर्ट के समीप वकीलों के लिए बनाए जा रहे चैंबरों का निरीक्षण भी किया। हाईकोर्ट अधिवक्ता वेलफेयर सोसाइटी के चेयरमैन और प्रदेश महाधिवक्ता श्रवण डोगरा ने अपने संबोधन में कहा कि वकीलों के लिए बन रहे चैंबरों की नींव न्यायाधीश जोसफ के कार्यकाल में ही रखी गई थी।
हाईकोर्ट अधिवक्ता वेलफेयर सोसाइटी की तरफ से हाईकोर्ट सभागार में आयोजित इस कार्यक्त्रस्म में श्रवण डोगरा और हाईकोर्ट बार एसोशियेशन के प्रधान अश्वनी पाठक ने उन्हें संबोधित किया।