हिमाचल सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए कहा था कि ऐसे मामलों में यह सर्वाधिक मुआवजे की योजना के विपरीत है, जिसके तहत पीड़िता की मौत या 80 फीसदी दिव्यांगता की स्थिति में 1 लाख रुपये मुआवजा दिया जाता है।
इस मामले में सत्र अदालत हमीरपुर ने आरोपी रजनीश उर्फ विक्की को 10 साल की कैद और 20,000 रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई थी।
एफआईआर में पीड़िता के अभिभावकों ने कहा था कि अभियुक्त ने पीड़िता के मूक-बधिर होने का फायदा उठा कर उसका कई बार रेप किया और उसे गर्भवती बना दिया।