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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, खत्म किया पूर्व सैनिक कोटे में वरिष्ठता लाभ

Sat, 26 Aug 2017 11:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सैनिक कोटे में नौकरी पाने वालों की सर्विस में सैन्य सेवाकाल जोड़े जाने के वरिष्ठता लाभ नियम को खारिज कर दिया है। शिमला हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीमकोर्ट ने बरकरार रखा है। सुप्रीम कोर्ट के शुक्रवार को आए फैसले के बाद पूर्व सैनिक कोटे में वरिष्ठता लाभ केवल उन्हीं पूर्व सैनिकों को मिल सकता है, जिनकी भर्ती सेना में 1971 से हुई है।
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फैसला सरकार के लिए भी राहत भरा माना जा रहा है। मंत्रिमंडल ने 5 अगस्त को लाभ समाप्त कर दिया था। पूर्व सैनिकों के विरोध के चलते मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कैबिनेट के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक रोक दिया था। फैसला आने से वर्ष 1972 से लागू नियम 5 (1) में  पूर्व सैनिक कोटे के तहत ज्वाइनिंग पर उनकी वरिष्ठता में सैन्य सेवाओं जोड़ने का देय प्रावधान समाप्त हो जाएगा।
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कैबिनेट ले चुकी है लाभ खत्म करने का फैसला


हाईकोर्ट ने इस नियम के विरुद्ध 2007 में आदेश सुनाया था कि सभी पूर्व सैनिकों को इसका लाभ नहीं दिया जा सकता है। इस नियम को उन सैनिकों के लिए बनाया गया था, जिन्होंने 1962 से 1971 के बीच युद्धों के दौरान आपात स्थितियों में सेवाएं सेना को दी थीं।

हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद सरकार ने उसे प्रभावी नहीं किया लेकिन पूर्व सैनिक उसके विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट चले गए। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सैनिकों की याचिका पर सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। इस बीच अगस्त में मंत्रिमंडल ने नियम 5 (1) के तहत पूर्वसैनिक कोटे से सैन्य सेवाओं का जुड़ने वाला वरिष्ठता लाभ खत्म कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किए बिना मंत्रिमंडल के निर्णय का पूर्व सैनिकों ने विरोध किया। सीएम वीरभद्र सिंह ने पूर्वसैनिकों की मांग स्वीकारते हुए मंत्रिमंडल के फैसले पर रोक लगा दी। अब सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद सरकार नियम 5 (1) को समाप्त करने के पूर्व में लिए निर्णय को प्रभावी कर सकती है।
 
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