सीबीआई ने मौखिक तौर पर आरोप लगाते हुए प्रदेश हाईकोर्ट को बताया कि गुडि़या मामले की जांच में राज्य सरकार पूरा सहयोग नहीं कर रही है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान ये आरोप लगाए।
इस पर कोर्ट ने सीबीआई को कहा कि वह यह बातें लिखित में आवेदन पत्र के माध्यम से अदालत को बता सकते हैं और जरूरी निर्देश ले सकते हैं। हाईकोर्ट ने गुडि़या रेप मामले में सीबीआई को 6 सितंबर तक अपनी जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
डीजीपी, एसआईटी ने बंद लिफाफों में कोर्ट में दायर किया हलफनामा
वीरवार को सुनवाई के दौरान डीजीपी सोमेश गोयल सहित आईजी जहूर जैदी, एएसपी भजन देव नेगी, डीएसपी रतन सिंह नेगी, डीएसपी ठियोग मनोज जोशी, सब इंस्पेक्टर धर्म सेन नेगी, एएसआई राजीव कुमार, कोटखाई थाने के एसएचओ राजिंद्र सिंह और एएसआई दीप चंद ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने कोर्ट के आदेशानुसार अपने-अपने हलफनामे सील्ड कवर में दायर कर दिए हैं।
पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इन्हें यह स्पष्ट करने को कहा था कि उन्हें अपने शपथ पत्रों में मुख्य तौर पर यह बताना होगा कि 6 जुलाई से 23 जुलाई तक उनके द्वारा की गई जांच में उन्हें इस वारदात से संबंधित क्या-क्या जानकारी मालूम हुई। इस मामले पर भी सुनवाई 6 सितंबर को होगी।