प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने मंडी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को मतभेद भुलाकर एकजुट होने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा बयान नहीं दें, जिससे संगठन को नुकसान पहुंचे। जोश में आकर होश खोने से बचें और लोकसभा चुनाव के लिए अभी से कमर कस लें।
इस दौरान उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए और मोदी सरकार पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संगठन में अनुशासनहीनता सहन नहीं की जाएगी और कार्यकर्ताओं को पूरा सम्मान पार्टी की ओर से प्रदान किया जाएगा।
विपक्ष के नेता मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सीएम ने हाल ही में प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल पर कुनबा संभालने की टिप्पणी की थी। उन्होंने सीएम से कहा कि सबसे पहले वह अपना कुनबा संभालें, उन्हें पता ही नहीं कि प्रदेश में क्या चल रहा है।
धूमल, शांता और नड्डा में रोजाना खिचड़ी पक रही है। उन्होंने सीएम को घेरते हुए कहा कि जयराम कहते हैं कि वह 25 साल तक सरकार चलाते रहेंगे, लेकिन उन्हें यह पता नहीं कि वे 5 साल भी पूरे नहीं निकाल पाएंगे।
उन्होंने जयराम को अयोग्य सीएम करार देते हुए कहा कि उनकी प्रशासन पर पकड़ नहीं है। करसोग में पहले बहुुतकनीकी कालेज को रद्द कर दिया और कुछ महीनों के बाद अपना नाम लगाने के लिए दोबारा घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि यह मानसिकता ठीक नहीं है।
पूर्व मंत्री कौल सिंह ने कहा कि इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए उन्होंने सभी प्रमुख नेताओं सहित वीरभद्र सिंह और पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह को भी व्यक्तिगत रूप से बुलाया था, लेकिन वीरभद्र सिंह इस बार भी नहीं आए।
उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं का स्वागत किया और कहा कि मंडी में जितना भी विकास हुआ है, वह सिर्फ कांग्रेस की ही देन है। उन्होंने पीएम मोदी और सीएम जयराम ठाकुर पर भी देश और प्रदेश की जनता को गुमराह करके सत्ता में आने का आरोप लगाया है।
वीरभद्र सिंह ने फिर किया किनारा
मंडी के कांग्रेस सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने एक बार फिर से किनारा किया है। मंडी में तीन बड़े सम्मेलन हो चुके हैं, लेकिन वीरभद्र सिंह ने इन सम्मेलनों में शिरकत नहीं की है। वही, पूर्व मंत्री जीएस बाली भी कार्यक्रम से नदारद रहे।
मंडी में आयोजित कांग्रेस सम्मेलन में कार्यकर्ताओं के द्वारा जोरदार नारेबाजी की गई। इस दौरान कौल सिंह, राहुल गांधी, रजनी पाटिल, सुखविंदर सिंह सुक्खू जिंदाबाद के नारे लगाए गए।
युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं का इस दौरान स्टेज के करीब पहुंचकर जोरदार नारेबाजी करते हुए देखा गया। इस दौरान मंडी को बचाना है तो कौल सिंह को बचाना है के नारे भी सुनाई दिए।
युवा कार्यकर्ता हर नेता की स्पीच के बाद बार-बार नारेबाजी करते देखे गए। वहीं मंच पर बैठे प्रदेशाध्यक्ष सुखविंदर सिंह ने युवाओं को बार-बार नारे लगाने से रोका और शांति बनाए रखने का भी आग्रह किया।