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बेटी के लिए पैसा बचाओ, इनकम टैक्स में छूट पाओ

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बेटियों के भविष्य के लिए निवेश करने वालों के लिए अच्छी खबर है। आम सेविंग्स से ज्यादा ब्याज और खाते से पैसा निकालने का महज बेटी को अधिकार की तर्ज पर डाकघरों में नई सुकन्या समृद्धि योजना आई है। हालांकि, सरकार ने बैंकों को भी ये खाते खोलने के लिए अधिकृत किया है, लेकिन अभी इनमें ये योजना शुरू नहीं हुई है।
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इस योजना में आम सेविंग्स के मुकाबले कहीं ज्यादा सालाना 9.1 फीसदी ब्याज मिलेगा। डाकखाने में वर्तमान में सेविंग खाते पर महज चार फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है। वहीं बैंक में सेविंग्स पर यह प्रतिशतता 08 के करीब है। योजना के तहत बेटी के बालिग होने के बाद कभी भी पैसा निकाला जा सकता है।

सुकन्या जमा योजना खाते का संचालन बच्ची के अभिभावक द्वारा तब तक किया जाएगा, जब तक कि वह बच्ची 10 वर्ष की न हो जाए। 10 वर्ष की होने के बाद वह बच्ची अपने खाते का संचालन खुद करेगी।
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टैक्स की नो टेंशन

खास बात यह है कि सालाना 1,000 से लेकर 1.5 लाख तक इस योजना के तहत बिना किसी टैक्स के झंझट से पैसा जमा करवाया जा सकता है। लिहाजा माता पिता अपनी बेटी की उच्चतर पढ़ाई या शादी के लिए भी यह योजना प्लान कर सकते हैं।

जनवरी से यह योजना शुरू हुई है। उदाहरण के तौर पर यदि आप 18 साल के लिए इस योजना में सालना बीस हजार तक निवेश करते हो तो 18 साल बाद आपको 9.1 फीसदी सालाना ब्याज की दर से 04 लाख 54 हजार का मुनाफा होगा।

अधीक्षक डाकघर सोलन बीआर सेन ने इस योजना की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के डाकघरों में पहली जनवरी से यह योजना शुरू हो गई है।

बेटी के नाम पर खुलेगा खाता

सुकन्या समृद्धि बचत खाता बेटी के नाम पर ही खुलेगा। जिससे माता पिता प्रदेश के किसी भी डाकघर में जाकर खोल सक ते हैं। लड़की के माता पिता को इसके लिए बचत खाता का फार्म भरना होगा। जिसमें बेटी का जन्म प्रमाण पत्र साथ देना अनिवार्य है। यह खाता 10 साल से कम उम्र वाली बेटियों का ही खुल सकेगा। 10 वर्ष से अधिक उम्र की बेटियों का खाता नहीं खुलेगा।

इन डाकघरों में योजना शुरू
प्रदेश के 18 मुख्य डाकघर शिमला, सोलन, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, डलहौजी, चंबा, मंडी, लौहाल स्पीति, ऊना सहित हिमाचल के अन्य मुख्य डाकघरों में यह योजना शुरू हुई है। जल्द ही यह योजना 2400 डाकखानों में शुरू हो रही है।

ऐसे एकत्र होगा पैसा
वर्ष सीमा---------निवेश---------कुल रकम
01-05---------------01 लाख-------1 लाख 30 हजार 846
06-10---------------02 लाख-------3 लाख 33 हजार 095
10-15----------------03 लाख-------6 लाख 45 हजार 711
15-18----------------03 लाख 60 हजार--8 लाख 14 हजार 203
(पॉलिसी 18 साल, 9.1 फीसदी ब्याज, अधिकतम साल का निवेश 20 हजार)

ये भी हैं ध्यान रखने योग्य बातें

यदि कोई बालिका जिसने इस नियम के प्रारंभ होने के एक वर्ष पहले दस वर्ष की आयु प्राप्त कर ली थी, वह भी खाता खोलने के लिए पात्र होगी। जमाकर्ता बालिका के नाम से केवल एक ही खाता खोल और संचालित कर सकता है।

माता-पिता या संरक्षक केवल दो बालिकाओं के लिए खाता खोल सकते हैं, जुड़वा बच्चे के संबंध में प्रमाण प्रस्तुत करने पर तीसरा खाता खोलने की अनुमति दी जाएगी। यह खाता एक हजार रुपये की प्रारंभिक जमा राशि से खोला जाएगा और एक वित्तीय वर्ष में इसमें न्यूनतम एक हजार और अधिकतम एक लाख पचास हजार रुपये जमा किए जा सकेंगे।

खाते में रकम खाता खोलने की तारीख से चौदह वर्ष पूर्ण होने तक जमा की जा सकेगी। यदि खाते में न्यूनतम राशि जमा नहीं की गई है तो न्यूनतम जमा राशि सहित 50 रु. प्रतिवर्ष के जुर्माने के साथ खाते को नियमित कराया जा सकेगा।
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ये भी हैं काम की बातें

इस योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले अधिकृत बैंक या पोस्ट ऑफिस में एक खाता खोलना होगा। यह खाता बच्ची के माता-पिता या अभिभावक उसके 10 साल का होने तक खोल सकते हैं। खाता भारत वर्ष में कहीं भी अंतरित किया जा सकेगा।

स्थानांनतरण की सुविधा
इस खाते को जिस शहर में खोला जाएगा, वहां से किसी दूसरे शहर में भी स्थानांनतरित किया जा सकेगा। यानी पूरे भारतवर्ष में कहीं भी स्थानांतरित किया जा सकता है।

निकासी-जब लड़की 18 वर्ष की हो जाएगी तब उसे जमा राशि की 50 फीसदी रकम उच्च शिक्षा के लिए मिल जाएगी। बालिका की मृत्यु होने पर संरक्षक द्वारा खाता बंद कर दिया जाएगा और राशि ब्याज सहित आहरित कर ली जाएगी।

यदि बालिका का विवाह 21 वर्ष अवधि पूर्ण होने से पहले होता है तो विवाह की तारीख के पश्चात खाते के चालन की अनुमति नहीं होगी। खाता चालन बंद होने के पश्चात आहरण पर्ची द्वारा जमा राशि ब्याज सहित प्राप्त होगी।
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