मोदी सरकार के आम बजट में हिमाचल को बड़ा तोहफा मिला है। उम्मीदों के अनुरूप वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हिमाचल को एम्स देने की घोषणा कर दी है। इससे हिमाचल के लोगों को काफी फायदा होगा।
प्रदेश में पहले से ही एम्स को लेकर चर्चा चल रही थी। इसके लिए जगह भी तकरीबन फाइनल की जा चुकी है। जानकारी के अनुसार बिलासपुर में एम्स स्थापित करने की योजना है। अब देखना है कि कितना जल्दी इस पर काम होता है।
एम्स के अलावा इस आम बजट में किसानों, बागवानों और युवाओं के लिए काफी कुछ प्रावधान किए गए हैं जिससे हिमाचल को भी फायदा हो सकता है।
बजट में युवाओं को मिली सौगातें
बजट में युवाओं के लिए भी काफी प्रावधान किए गए है। मध्य वर्ग के छात्र उच्च शिक्षा ले सकें, इसलिए आसान और सस्ते कर्ज का प्रस्ताव रखा गया है। स्किल डेवलपमेंट पर भी जोर देने की बात कही गई है। आज भी ज्यादातर लोग गांव में रहते हैं इसके लिए ग्रामीण लोगों की दक्षता बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
किसानों, बागवानों को मिला ये सब
किसानों को फसल का सही दाम दिलाने के लिए नेशनल यूनिफाइड मार्केट पर नीति आयोग काम कर रहा है। पीएम कृषि सिंचाई योजना में 3 हजार करोड़ रुपए और दिए जाएंगे। किसानों को 8,50,000 करोड़ रुपए का लोन दिया जाएगा।
बुजुर्गों, कर्मचारियों को भी राहत
अगले तीन साल में सातवें वेतन आयोग को भी लागू किया जाएगा। इसके अलावा जिन लोगों ने जनधन स्कीम के तहत खाता खोला है, उनका हर साल 12 रुपए प्रीमियम पर 2 लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा किया जाएगा।
वहीं, 25 दिसंबर, 2015 से पहले अटल पेंशन योजना शुरु की जाएगी। इसमें 60 साल से अधिक के उम्र के सभी बुजुर्गों के लिए पैंशन का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजाना लागू की जाएगी, जिसके जरिए यूनिवर्सल सोशल सिक्योरिटी नंबर मिलेगा।
कर्मचारियों को ईपीएफ और न्यू पेंशन स्कीम में चुनने का विकल्प मिल सकता है।
आम बजट से अब ये उम्मीदें
प्रदेश में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए उद्योगों को
आयकर में एक बार फिर से छूट देने की मांग की गई है। जल विद्युत परियोजनाओं
के तेजी से निर्माण कराने के लिए पर्यावरण स्वीकृति का अधिकार भी हिमाचल को
देने का मुद्दा उठा गया है।
ऊना में ट्रिपल
आईटी के निर्माण के लिए भी बजट देने का अनुरोध किया गया है। प्रदेश के
नौकरी पेशा को उम्मीद है कि इस बार आयकर की सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर तीन लाख
की जाएगी। वहीं, प्रदेश को बिजली उत्पादन में जनरेशन टैक्स लगाने की
अनुमति की भी आस है।
सांसद शांता कुमार का कहना है कि केंद्र से
मांग थी कि हिमाचल को अधिक से अधिक बजट मुहैया कराया जाए। केंद्र ने मेरी
बात सुन ली। 14 वें वित्त आयोग में रिकार्ड बजट का प्रावधान किया है।