ऐतिहासिक चंद्रशेखर मंदिर परिसर में आयोजित साहो जातर मेले का आनंद उठाने के लिए पहुंचे लोगों ने इसे खूब पसंद किया। कलाकारों की प्रस्तुति देखने के लिए जिला मुख्यालय समेत आसपास के गांवों से काफी तादाद में लोग पहुंचे थे।
पारंपरिक चोला-डोरा पहनकर पुरुषों ने पारंपरिक सुहाल नाटी (भस्मासुर) की मनमोहक प्रस्तुति दी। ऐतिहासिक चंद्रशेखर मंदिर परिसर में आयोजित साहो जातर मेले का आनंद उठाने के लिए पहुंचे लोगों ने इसे खूब पसंद किया। कलाकारों की प्रस्तुति देखने के लिए जिला मुख्यालय समेत आसपास के गांवों से काफी तादाद में लोग पहुंचे थे। जातर मेले का आगाज सुबह चंद्रशेखर मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इसके बाद अजीत भट्ट एंड पार्टी चंबा ने अपनी प्रस्तुति दी।
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इसके बाद हिमाचली लोकगायिका भावना जरयाल ने एक के बाद एक मनमोहक पहाड़ी, हिंदी और पंजाबी गीतों की झड़ी लगाकर दर्शकों को नाचने पर विवश कर दिया। उन्होंने शिव कैलाशों के वासी, मेरा भोला मस्त मलंग, भोले तेरी दया से, नच्चे धुडुआ जट्टा वो खलारी हो...आदि भजनों को प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। इसके बाद पारंपरिक लोकनृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। चंद्रशेखर मंदिर परिसर में आयोजित साहो जातर मेले में बतौर मुख्यातिथि सदर विधायक की पत्नी आरती नैयर मौजूद रहीं।
मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों, पंचायत साहो की प्रधान पूजा शर्मा ने मुख्यातिथि को फूलमालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया। पंचायत घर स्थित मड़ी मंदिर में पूजा-अर्चना के करने के बाद मुख्यातिथि समेत अन्य गण्यमान्य लोगों को पग पहनाकर ढोल-नगाड़ों की थाप पर जातर चंद्रशेखर मंदिर परिसर तक लाई गई। मेले में मंदिर परिसर के बाहर मिठाई, खिलौनों समेत अन्य प्रकार की अस्थायी दुकानें लगाई गई हैं। जहां पर ग्रामीणों ने जमकर खरीदारी की। जातर मेले के दौरान पुलिस व्यवस्था और विद्युत सप्लाई भी चकाचक रही।