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Shimla News: राशन डिपुओं से चीनी गायब, चाय के घूंट में महंगाई की कड़वाहट

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एपीएल परिवारों को झेलनी पड़ रही है परेशानी, बाजार से महंगी दरों पर कर रहे हैं खरीदारी
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विभाग का दावा, गोदाम पहुंच गई है 100 क्विंटल चीनी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। कड़ाके की ठंड में शहर के एपीएल परिवारों को डिपुओं में चीनी मिल रही है। चीनी न मिल पाने के कारण हजारों परिवार परेशान हैं। आलम यह है कि इन परिवारों को अब बाजारों से महंगी दरों पर चीनी की खरीदारी के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
दूसरी ओर शहरवासियों ने सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में शहरवासियों की सुविधा के लिए सरकार ने 40 से अधिक राशन डिपो खोले हैं। लेकिन इन दिनों यह राशन डिपो महज एक शोपीस बनकर रह गए हैं। इन राशन डिपुओं में उपभोक्ताओं को मिलने वाली चीनी नहीं मिल रही है। ऐसे में हजारों उपभोक्ताओं ने अब सरकार और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि नवंबर में भी आधे महीने में चीनी खत्म हो गई थी वहीं दिसंबर महीने में भी यही स्थिति बनी हुई है। राशन की खरीदारी करने आए लोगों को मंगलवार को अधूरा राशन लेकर लौटना पड़ा।
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शहर के राशन डिपुओं में सुबह से लोगों की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई थी। वहीं राशन की खरीदारी करने आए लोगों से डिपो संचालकों ने कहा कि चीनी छोड़कर बाकी का राशन उपलब्ध है। दूसरी ओर लोगों ने दो टूक कहा कि क्या वह बाजारों से चीनी की खरीदारी करें? ऐसे में लोगों के इस तरह के सवालों को सुनकर संचालक भी चुप रहे। संजौली की अनीता, लक्कड़ बाजार से आए रमेश और विक्रम ने बताया कि पहले ही महंगाई है, जिस कारण परिवार का पालन पोषण करना काफी मुश्किल हो गया है। ऐसे में सब्सिडी पर मिलने वाली चीनी उपलब्ध न करवाने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है। दूसरी ओर विभाग का कहना है कि लोगों को परेशानी पेश न आए इसलिए 100 क्विंटल चीनी मंगवाई है। इसे गोदाम में पहुंचा दिया है, बुधवार से डिपुओं में भेजना शुरू कर दिया जाएगा।
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दो महीने का कोटा देने पर बना है संशय
राशन डिपुओं में नवंबर आधा बीतने के बाद डिपुओं में चीनी का कोटा खत्म हो गया था। ऐसे में अब दिसंबर माह में राशन लेने डिपो पहुंचे लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या उन्हें पिछले महीने का कोटा भी मिलेगा। इस पर विभाग अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं कर पाया है। सूत्रों का कहना है कि लोगाें को चीनी आने के बाद दिसंबर महीने का कोटा ही मुहैया करवाया जा सकता है। दूसरी ओर गोदाम में आटा भी खत्म हो गया है। लेकिन दावा किया जा रहा है कि डिपुओं में कोटा पूरा है, वहीं जल्द एक ओर गाड़ी बुधवार को शिमला पहुंच जाएगी। एपीएल परिवारों को चीनी 33 और टैक्स वालों को 46 रुपये प्रतिकिलो की दर में मिलती है। अब उन्हें बाजारों से 52 से लेकर 55 रुपये प्रतिकिलो की दर से चीनी की खरीदारी करना पड़ रही है। बीपीएल, अंतोदय और पीएच परिवारों को 13 रुपये प्रतिकिलो की दर से चीनी मुहैया करवाई जाती है। दिसंबर में लोगों को 14 किलो आटा और 6 किलो चावल दिए जाएंगे। इसको लेकर विभाग ने संचालकों को जानकारी दे दी है।
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