एक अध्ययन से पता चला है कि योगनिद्रा से उच्च रक्तचाप को कम किया जा सकता है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि योगनिद्रा का अभ्यास करने वाले व्यक्तियों में सिस्टोलिक और डायस्टोलिक रक्तचाप दोनों में उन लोगों की तुलना में महत्वपूर्ण कमी देखी गई, जिन्होंने यह अभ्यास नहीं किया था। इसे एक गहन विश्राम तकनीक के रूप में पाया गया। इस अध्ययन में एम्स बिलासपुर के जनरल मेडिसिन विभाग की डॉ. अक्षिता चंदेल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के मेडिसिन विभाग के नवदीप आहूजा, प्राग भारद्वाज, मोनिका पठानिया और भारत भर के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के सहकर्मियों सहित शोध दल ने भी पाया कि योगनिद्रा उच्च रक्तचाप से प्रभावी रूप से लड़ती है।
इस खोज ने इस मूक हत्यारे यानी रक्तचाप से पीड़ित लाखों लोगों के लिए गैर-औषधीय उपचार विकल्पों के लिए नए रास्ते भी तलाशे हैं। जर्नल ऑफ आयुर्वेद एंड इंटीग्रेटिव मेडिसिन में प्रकाशित इस अध्ययन में कई नैदानिक परीक्षणों के डाटा का विश्लेषण किया गया। अध्ययनकर्ताओं के अनुसार गहन विश्राम की स्थिति उत्पन्न करने की योगनिद्रा की क्षमता तनाव को कम करके और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देकर रक्तचाप को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। शोधकर्ताओं ने कुल 482 प्रतिभागियों को शामिल करते हुए डाटा का विश्लेषण किया।