रामपुर बुशहर में बादल फटने के बाद आई बाढ़ में आठ स्कूली बच्चे भी लापता हैं। शुक्रवार को जब मुख्यमंत्री हालात का जायजा लेने समेज पहुंचे तो राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला समेज में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले कार्तिक ठाकुर ने कहा कि अंकल! मेरे दोस्त अरुण, आरुषि, रितिका और राधिका थे, वे नहीं मिल रहे हैं।
राधिका दीदी स्कूल के अधिकांश बच्चों की प्यारी थी। हमें ट्यूशन पढ़ाती थी। हमारा होमवर्क करवाती थी। सभी ने कई जगह ढूंढा, लेकिन दीदी का सुराग नहीं लगा। राखी, अर्णव और अश्वनी भी अपनी बड़ी दीदी राधिका को ढूंढते रहे। बच्चों ने कहा कि दीदी की याद आ रही है। हमें अब कौन पढ़ाएगा। सीएम ने अन्य बच्चों से भी बात की।
छात्र कार्तिक ने बताया जिस दिन यह घटना हुई, वह अपने परिवार वालों के साथ ही था। आसपास के सारे लोग एक जगह इकट्ठे हो गए थे। हमने रात जागकर बिताई। सुबह 6 बजे के करीब उजाला होने लगा तो हम स्कूल की तरफ आए तो निचली मंजिल पूरी पानी से भर गई थी। स्कूल के बाहर एक छोटा सा मंदिर है, जो सुरक्षित है। मेरे कई दोस्त जो स्कूल में पढ़ते थे वे लापता हैं।
वर्दी में स्कूल पहुंच गया एक बच्चा, की सफाई
आपदा के बाद शुक्रवार को समेज स्कूल बंद था, लेकिन एक बच्चा वर्दी में स्कूल पहुंच गया। अपने स्कूल को मलबे से भरा देख दुखी थी। साथ ही लापता अपने साथियों को ढूंढता रहा। फिर ऊपरी कक्षा में जाकर स्कूल की सफाई की।