कार्यक्रम में अंधा युग नाटक का किया गया मंचन अमर उजाला ब्यूरो शिमला। हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचपीएनएलयू) के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। पहाड़ी नाटी और भंगड़ा की प्रस्तुतियों की दर्शकों ने खूब सराहना की।
कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रीति सक्सेना के मार्गदर्शन में आयोजित जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम में 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुतियां दीं। छात्र संवर्धन प्रकोष्ठ की अध्यक्ष डॉ. सरिता के मार्गदर्शन में कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। इसके बाद नृत्य, संगीत, रंगमंच और जीआई टैग जागरूकता पर प्रदर्शनी लगाई गई। नृत्य प्रतियोगिता और युगल मुकाबलों में एनी बाली, स्वाति शर्मा और मान्या, वृंदा, सुहानी, मान्या, अना, धैर्य ने रंग जमाया। इसमें नायिका और दीपाली एंड ग्रुप विजेता रहा। इसके बाद नाटक अंधा युग का मंचन किया गया।
सांस्कृतिक ओडिसी 2.0 का किया आयोजन
शिमला। राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय शिमला में सांस्कृतिक ओडिसी 2.0 का आयोजन भी किया गया। जीआई-टैग वाले परिधानों और पारंपरिक ज्ञान के उत्सव में भौगोलिक संकेत (जीआई) फैशन वॉक हुआ। इसमें भारत के 21 राज्यों के जीआई-टैग वाले परिधान और सहायक उपकरण प्रदर्शित किए गए। इस पहल ने पारंपरिक शिल्पों की सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण में बौद्धिक संपदा के महत्व पर जोर दिया। विश्वविद्यालय के कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं बौद्धिक संपदा अधिकार केंद्र डॉ. संतोष कुमार शर्मा, डॉ. चंद्रिका और डॉ. अरुण ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। कल्चरल ओडिसी 2.0 ने भारत के क्षेत्रीय शिल्प में निहित समृद्ध बौद्धिक संपदा की याद दिलाई। ब्यूरो