बीमा कंपनी को 45 दिन के भीतर पालन करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला उपभोक्ता आयोग ने एक अहम फैसले में बीमा कंपनी को सेवा में कमी का दोषी ठहराते हुए शिकायतकर्ता को राहत प्रदान की है। आयोग ने द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को आदेश दिया है कि वह रामपुर तहसील के ग्राम सदाना निवासी उदय सिंह को बीमा दावा राशि (मुआवजा) के रूप में 9.60 लाख रुपये का भुगतान करें। इसके अलावा, कंपनी को शिकायत दर्ज होने की तिथि से भुगतान तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज, मानसिक उत्पीड़न के लिए 30,000 तथा मुकदमेबाजी खर्च के रूप में 20,000 भी अदा करना होगा। आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह और सदस्य निधि शर्मा और रूनम कौशिक की पीट ने यह फैसला दिया है।
शिकायतकर्ता उदय सिंह ने अपनी दो मंजिला आवासीय इमारत का 10 लाख का बीमा करा रखा था। 9 अप्रैल 2022 को झाड़ियों में लगी आग ने पूरे मकान को चपेट में ले लिया और घर पूरी तरह जलकर राख हो गया। घटना की सूचना पुलिस, अग्निशमन, राजस्व विभाग और बीमा कंपनी को दी थी। सभी दस्तावेज उपलब्ध करवाने और सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बावजूद बीमा कंपनी ने यह कहते हुए दावा खारिज कर दिया कि जिस आग में घर जला वह जंगल से आई थी। वह बीमा पॉलिसी में कवर नहीं है। आयोग ने बीमा कंपनी का यह तर्क खारिज करते हुए कहा कि सर्वेक्षक की रिपोर्ट स्पष्ट है और उसे ही आधार मानना होगा। आयोग ने माना कि बीमा कंपनी ने सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार किया है। आदेश की प्रति मिलने के 45 दिन के भीतर इसका पालन करना अनिवार्य होगा।