जिले में हैं 272 बेसहारा पशु,
अगले 15 दिन में पूरा होगा काम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सड़क किनारे घूम रहे बेसहारा पशुओं का अब जिला प्रशासन सहारा बनेगा। जिला शिमला में सड़कों पर घूम रहे सभी पशुओं को अगले 15 दिन के भीतर गो सदनों तक पहुंचाया जाएगा।
पहली जनवरी से जिला शिमला की सड़कों पर एक भी लावारिस पशु घूमता दिखाई नहीं देगा। ऐसा करने वाला जिला शिमला प्रदेश का पहला जिला बन जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू कर दिया है। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने सोमवार को 15 दिवसीय विशेष अभियान की घोषणा करते हुए सभी अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित विशेष बैठक में फैसला लिया गया कि पहली जनवरी 2026 तक जिला के सभी चिह्नित स्थानों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं को नजदीकी गो सदनों में पहुंचाया जाएगा। नववर्ष में पूरा जिला बेसहारा पशु मुक्त बनाया जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि पशुधन हमारी धरोहर है, इन्हें बेसहारा नहीं छोड़ना चाहिए। इसमें जिन लोगों ने अपने पशु छोड़े हैं, उनसे अपील है कि अपने पशुओं को वापस ले जाएं। जिला प्रशासन के आदेशों पर पशुपालन विभाग ने एक सर्वेक्षण किया है जिसमें पाया गया कि जिले में 272 बेसहारा पशु हैं। अब इन सभी को नजदीकी गो सदनों में पहुंचाया जाएगा। जिले में विभिन्न गो सदनों में 3500 पशुओं को रखने की क्षमता है। अभी तक 2500 पशु ही इनमें रखे गए हैं। ऐसे में 272 पशुओं को क्षमता के अनुसार नजदीकी गो सदनों तक पहुंचाया जाएगा।
लावारिस कुत्तों पर भी चर्चा
बैठक में लावारिस कुत्तों को नियंत्रित करने के आदेशों को लागू करने के बारे में चर्चा की गई। इसमें नसबंदी और टीकाकरण के बाद कुत्तों को वापस उसी जगह पर न छोड़ने, स्कूलों, अस्पतालों और बस स्टैंड जैसे संवेदनशील स्थानों से हटाने, सार्वजनिक स्थानों पर खाना-खिलाने पर प्रतिबंध लगाने और एनिमल बर्थ कंट्रोल रूल्स 2023 के सख्त पालन पर जोर दिया गया है। शेल्टर होम बनाने को लेकर भी चर्चा की गई। बैठक में नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री, जिला चिकित्सा अधिकारी डाॅ. यशवंत रांटा, उपनिदेशक पशुपालन विभाग डाॅ. नीरज मोहन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट भेजना अनिवार्य
उपायुक्त ने सभी पटवारी और पंचायत सचिवों को निर्देश दिए हैं कि अपने अधिकार क्षेत्र में बेसहारा पशुओं की सूचना मिलते ही रिपोर्ट एसडीएम को देना अनिवार्य होगी। उपायुक्त ने कहा कि पटवारी और पंचायत सचिव एसडीएम को यह सूचना मुहैया नहीं करवा रहे है। कई जगह पर पाया है कि लोग पशुधन के टैग निकालकर छोड़ रहे है। ऐसे लोगों के खिलाफ भी समय रहते कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।