इसके साथ ही स्कूली बच्चों की बसों में सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए स्कूल बसों में स्पीड गवर्नर लगाने वाली खंडपीठ में शामिल थे। इसके बाद ज्यादातर बसों में स्पीड गवर्नर लगाए गए। पर्यावरण से बेहद प्रेम रखने वाले जस्टिस सूर्यकांत अक्सर ही शहर में पर्यावरण से जुड़े आयोजनों का हिस्सा बनते दिखाई दे जाते हैं।
14 साल में उन्होंने करीब 50 हजार मामलों का निपटारा किया है जो अपने आप में बड़ी संख्या है। इसके साथ ही जस्टिस सूर्यकांत को उनके स्मूथ नेचर के लिए जाना जाता है।जब राम रहीम की सजा को लेकर ट्रायल कोर्ट में फैसला आना था तो जो फुल बेंच बनाई गई थी उसमें जस्टिस सूर्यकांत भी शामिल थे। इस दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने ही कड़े आदेश पारित किए जिसके चलते ही पंचकूला सहित हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ जलने से बच गए।